राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की सोनम की जमानत, बेटे की तस्वीर के सामने भावुक हुई मां
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करते हुए उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी भावुक हो गईं और बेटे की तस्वीर के सामने न्याय मिलने की उम्मीद जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द कर सरेंडर के दिए निर्देश
सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को निरस्त करते हुए तीन सप्ताह के भीतर संबंधित पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि निचली अदालतों द्वारा जमानत देते समय गिरफ्तारी से जुड़े पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो आरोपी नई जमानत याचिका दायर कर सकती है। अदालत ने ट्रायल को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
‘मेरा बेटा बेकसूर था’, मां ने जताई न्याय की उम्मीद
फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी बेटे की तस्वीर के सामने भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से न्याय की पूरी उम्मीद थी और यह फैसला उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। उनका कहना था कि उनका बेटा निर्दोष था और उसके साथ अन्याय हुआ। उन्होंने अदालत का धन्यवाद करते हुए मांग की कि मामले की सुनवाई जल्द पूरी हो ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके। परिवार का कहना है कि आरोपी के जेल से बाहर रहने से उन्हें लगातार चिंता बनी हुई थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिए थे दो विकल्प
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी के सामने दो विकल्प रखे थे। अदालत ने कहा था कि या तो वह मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने तक आत्मसमर्पण कर दे, अथवा अदालत मामले के गुण-दोष पर विस्तृत सुनवाई के बाद आदेश पारित करेगी। मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देते हुए दलील दी थी कि आरोपी के बाहर रहने से निष्पक्ष ट्रायल प्रभावित हो सकता है। इन तर्कों पर विचार करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत रद्द करने का निर्णय सुनाया।
हत्याकांड की सुनवाई पर टिकी सबकी नजर
राजा रघुवंशी हत्याकांड देशभर में चर्चा का विषय रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। पीड़ित परिवार चाहता है कि मुकदमे का जल्द निपटारा हो और दोषियों को कठोर सजा मिले। वहीं अदालत ने भी स्पष्ट किया है कि मुकदमे की सुनवाई अनावश्यक रूप से लंबी नहीं खिंचनी चाहिए। अब आत्मसमर्पण की प्रक्रिया और ट्रायल की प्रगति इस चर्चित मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।