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RSS पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- ‘अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में पड़ी तो मैं रक्षा करूंगा’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है। अगर कभी RSS की अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने या देश से बाहर करने की कोशिश हुई, तो वे उसकी भी रक्षा करेंगे। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और लोगों की आवाज दबाने के आरोपों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की।

‘हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार’

राहुल गांधी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संगठन को बोलने से रोकना नहीं है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने RSS का उदाहरण दिया। राहुल के मुताबिक, विचारों से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी की अभिव्यक्ति की आजादी खत्म करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि RSS की आवाज को दबाने या उसे देश से बाहर करने का प्रयास किया गया, तो वह उस स्थिति में उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी रक्षा करेंगे।

जंतर-मंतर के प्रदर्शन को लेकर सरकार पर हमला

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र अपनी समस्याएं और परेशानियां सामने रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि सरकार व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर लोगों की आवाज सीमित कर रही है। उन्होंने एक महिला का उदाहरण भी दिया, जो अपनी बेटी से जुड़े पुराने मामले को लेकर अपनी बात रखना चाहती थी। राहुल ने कहा कि लोकतंत्र में पीड़ितों और आम लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

‘देश अपनी बात रखने से नहीं रुकेगा’

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की जनता अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेगी। उनके अनुसार, लोगों के भीतर अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर आवाज उठाने की इच्छा लगातार बनी हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि देश में ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो दबाव या डर के बावजूद अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उसे यह समझ में आ रहा है कि जनता को हमेशा अपनी बात कहने से रोका नहीं जा सकता। उनके इस बयान को विपक्ष की आंदोलन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वाली राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

PM मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के दबाव और जनता की आवाज के कारण सरकार परेशान है। राहुल ने अमित शाह को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और संसद की कार्यवाही से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन बयानों पर सत्ता पक्ष की ओर से अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। राहुल का पूरा बयान मौजूदा राजनीतिक माहौल में विपक्ष और सरकार के बीच जारी तीखी बयानबाजी की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

अभिव्यक्ति की आजादी पर फिर छिड़ी बहस

राहुल गांधी के RSS संबंधी बयान के बाद एक बार फिर देश की राजनीति में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध के अधिकार को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। एक तरफ राहुल गांधी लोकतंत्र में सभी विचारों को जगह देने की बात कर रहे हैं, वहीं उनके आलोचक इस बयान को राजनीतिक रणनीति के रूप में देख सकते हैं। फिलहाल उनके बयान का सबसे अहम संदेश यही है कि राजनीतिक मतभेद के बावजूद अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए।

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Stv News Rajasthan

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