लोकसभा में राहुल गांधी के आरोपों पर बवाल, किरेन रिजिजू ने मांगा सबूत और माफी
लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई, आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे और राहुल गांधी से माफी की मांग की। विवाद बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा और सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
गृह मंत्री पर लगाए आरोप, सत्ता पक्ष ने किया कड़ा विरोध
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सरकार जवाबदेह है। उनके बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिना किसी प्रमाण के किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद में तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए और यदि किसी सदस्य के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सदन के सामने रखा जाना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने मांगा सबूत, माफी की भी उठाई मांग
राहुल गांधी के बयान के जवाब में किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य हैं। रिजिजू ने कहा कि यदि आरोपों का कोई आधार नहीं है तो नेता प्रतिपक्ष को सदन से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और यहां बिना प्रमाण किसी पर आरोप लगाने की परंपरा उचित नहीं मानी जा सकती।
लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से बरतने को कहा संयम
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि वे विधेयक के विषय पर अपनी बात रखें और यदि किसी मामले में जांच की मांग करनी है तो वह संसदीय प्रक्रिया के तहत कर सकते हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि किसी शब्द या टिप्पणी को असंसदीय माना जाएगा तो नियमानुसार उस पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी जारी रही।
हंगामे के कारण कुछ समय के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार जारी तीखी बहस के कारण सदन का माहौल काफी गरमा गया। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे, जिससे कार्यवाही सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ सकी। बढ़ते शोर-शराबे और विरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा बाद में दोबारा शुरू की गई। इस घटनाक्रम ने संसद में राजनीतिक टकराव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।