‘धर्मेंद्र प्रधान बदहाल शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं’, राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार के प्रतीक बन गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका इस्तीफा नैतिक जिम्मेदारी के कारण नहीं, बल्कि छात्रों के बढ़ते विरोध के दबाव में हुआ। हालांकि, यह राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं और केंद्र सरकार तथा भाजपा की ओर से इन दावों पर अलग रुख रहा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे “भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण लाखों छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिकता की वजह से नहीं, बल्कि युवाओं के आक्रोश के दबाव का परिणाम था।
भाजपा द्वारा स्वागत पर भी उठाए सवाल
सोमवार को संसद परिसर में धर्मेंद्र प्रधान के पहुंचने पर भाजपा और एनडीए के कई सांसदों ने उनका स्वागत किया और उन्हें माला पहनाई। इसी घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का संदेश है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर के छात्र इस घटनाक्रम को देख रहे हैं और इसे याद रखेंगे।
छात्र आंदोलनों और कार्रवाई पर सरकार को घेर
राहुल गांधी ने छात्र आंदोलनों को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर दर्ज मामलों, गिरफ्तारी और बल प्रयोग जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर संबंधित राज्य सरकारों और प्रशासन का पक्ष अलग-अलग मामलों में भिन्न रहा है तथा कई मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
प्रधानमंत्री से की कार्रवाई की मांग
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले जो आश्वासन दिए थे, उनका पालन नहीं किया गया। राहुल गांधी ने मांग की कि छात्रों पर कथित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाए जाएं।
शिक्षा व्यवस्था पर फिर गरमाई राजनीति
NEET और अन्य परीक्षा संबंधी विवादों के बाद शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर शिक्षा सुधार, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बहस और तेज होने की संभावना है।