#राज्य-शहर

मानसून से पहले DDA का मिशन मोड अभियान, 57 हजार टन से अधिक सिल्ट हटाई

मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बड़े पैमाने पर डीसिल्टिंग अभियान चलाया है। मिशन मोड में संचालित इस अभियान के तहत 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट हटाई जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही फ्लड कंट्रोल व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को भी मजबूत किया गया है।

57 हजार मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट हटाकर बनाया रिकॉर्ड

DDA के अनुसार, इस वर्ष प्री-मानसून डीसिल्टिंग अभियान के तहत राजधानी के विभिन्न इलाकों से 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट हटाई गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग 33,380 मीट्रिक टन सिल्ट हटाई गई थी। इस बार अभियान की गति और दायरा दोनों बढ़ाए गए, जिससे नालों की जल निकासी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि समय पर की गई सफाई से बारिश के दौरान जलभराव की घटनाओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

छह जोन में अभियान, अधिकांश क्षेत्रों में काम पूरा

बेहतर योजना और निगरानी के लिए दिल्ली को छह ऑपरेशनल जोन में विभाजित किया गया। DDA के मुताबिक पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी जोन में डीसिल्टिंग का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका जोन में काम अंतिम चरण में है। प्रत्येक क्षेत्र की जरूरत के अनुसार अलग-अलग कार्ययोजना बनाई गई, जिससे अभियान तय समय के भीतर आगे बढ़ सका।

24 घंटे फ्लड कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन रहेगी सक्रिय

मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए DDA ने केंद्रीय फ्लड कंट्रोल रूम के साथ सभी इंजीनियरिंग जोन में फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इसके अलावा 24×7 हेल्पलाइन सेवा शुरू की जा रही है ताकि जलभराव से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके। संवेदनशील इलाकों में मोबाइल पंपिंग यूनिट्स भी तैनात की गई हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर तुरंत पानी की निकासी सुनिश्चित करेंगी।

जलभराव रोकने के लिए समन्वित तैयारी पर जोर

नालों की सफाई के अलावा DDA ने ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, पंपिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि इन व्यापक तैयारियों का उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करना, यातायात को सुचारु बनाए रखना और नागरिकों को होने वाली परेशानियों को न्यूनतम स्तर पर लाना है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *