कतर गैस प्लांट हादसा: 12 भारतीयों की मौत, शवों को वतन लाने की कोशिश जारी
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए भीषण गैस प्लांट धमाके में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए पुष्टि की है कि शवों को भारत लाने और घायलों की मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क जारी है।
रास लाफान प्लांट में हुआ भीषण धमाका
कतर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र रास लाफान में हुए धमाके ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इस हादसे में कई देशों के नागरिक प्रभावित हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार लगभग 66 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ भारतीय भी शामिल हो सकते हैं। सभी घायलों के इलाज की प्रक्रिया जारी है।
12 भारतीयों की मौत पर भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और भारत सरकार पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने पुष्टि की कि मृतकों की पहचान की जा रही है और शवों को जल्द से जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शवों की वापसी और घायलों की मदद जारी
MEA ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहकर राहत कार्य चल रहा है। भारतीय दूतावास भी प्रभावित परिवारों से संपर्क कर रहा है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार का फोकस घायलों की सुरक्षा और शवों की वापसी पर है।
विदेश नीति पर बयान और पाकिस्तान पर प्रतिक्रिया
इसी दौरान MEA प्रवक्ता ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि ये बयान अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश हैं। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।