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जन सुराज छोड़ बीजेपी में शामिल हुए प्रो. केसी सिन्हा, राष्ट्रहित को बताया सबसे बड़ा कारण

प्रो. केसी सिन्हा जन सुराज छोड़ बीजेपी में शामिल

बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। देश के प्रसिद्ध गणितज्ञ और लोकप्रिय गणित पुस्तकों के लेखक प्रोफेसर कृष्ण चंद्र सिन्हा (केसी सिन्हा) ने जन सुराज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना में भाजपा प्रदेश कार्यालय में सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में राष्ट्रहित सर्वोपरि है और देश को मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने अपने इस फैसले को राष्ट्रीय हित से प्रेरित बताया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में ली सदस्यता

बुधवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में प्रो. केसी सिन्हा ने भाजपा की सदस्यता ली। इस अवसर पर जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़ चुके बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया। पार्टी नेताओं ने सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और सामाजिक योगदान से संगठन को मजबूती मिलेगी। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले इस राजनीतिक घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जन सुराज के शुरुआती चेहरों में रहे थे प्रो. सिन्हा

प्रोफेसर केसी सिन्हा जन सुराज पार्टी के शुरुआती प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार के रूप में कुम्हरार विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी। लंबे समय तक पार्टी से जुड़े रहने के बाद अब उन्होंने राजनीतिक दिशा बदलते हुए भाजपा का साथ चुना है। उनके इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।

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राष्ट्रहित को बताया पार्टी बदलने का आधार

भाजपा में शामिल होने के बाद प्रो. केसी सिन्हा ने कहा कि उनका निर्णय पूरी तरह राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया कई चुनौतियों और तनावपूर्ण हालात से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत को मजबूत नेतृत्व और सशक्त केंद्र सरकार की आवश्यकता है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र के विकास और मजबूती के लिए उन्होंने भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया है।

‘करंट के साथ चलना चाहिए’, शिक्षा पर भी रखी अपनी बात

प्रो. केसी सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि समय के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति करंट के विरुद्ध चलता है तो मंजिल तक पहुंचने में अधिक समय लगता है, जबकि करंट के साथ चलने पर कार्य तेजी से आगे बढ़ता है। इसके साथ ही उन्होंने भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि भारत कभी विश्व का प्रमुख शिक्षा केंद्र रहा है और भविष्य में भी देश को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

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