छात्र आंदोलन पर प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, पीएम मोदी से जवाबदेही की मांग
संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और इंटरनेट प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार राष्ट्रीय उपलब्धियों का श्रेय लेती है, तो उसे विवादित घटनाओं की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए। प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।
‘जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकती सरकार’
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, इसलिए मौजूदा घटनाओं पर भी सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का दायित्व केवल उपलब्धियों का श्रेय लेना नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में जवाबदेह रहना भी है।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
प्रियंका गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं की मांगों को संवाद के जरिए सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उनके अनुसार, यदि छात्र अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना चाहते हैं, तो सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
इंटरनेट बंदी पर भी जताई आपत्ति
मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की खबरों का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसे कदमों से छात्रों और उनके परिवारों के बीच संपर्क बाधित हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह के प्रतिबंधों की आवश्यकता क्यों पड़ी और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
NEET विवाद और पेपर लीक पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संसद में गतिरोध के बीच तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही और संवाद की मांग कर रहा है, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वह छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत के जरिए इस विवाद का कोई समाधान निकलता है या नहीं।