राम मंदिर दान विवाद पर प्रियंक खरगे का BJP-RSS पर हमला, पीएम मोदी की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर निर्माण का श्रेय लिया जाता है, तो कथित अनियमितताओं पर भी जवाब देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे।
राम मंदिर दान विवाद पर RSS को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियंक खरगे ने कहा कि यदि आरएसएस राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेता है, तो उसे मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में जिम्मेदारी कौन लेगा और आरोपों पर अब तक स्पष्ट जवाब क्यों नहीं आया। साथ ही उन्होंने आरएसएस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखने की मांग की।
पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
प्रियंक खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने चर्चित मामले पर सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया आनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक और सार्वजनिक बहस हो रही है, तो सरकार और संबंधित पक्षों को पारदर्शिता के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार या आरएसएस की ओर से इन टिप्पणियों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET पेपर लीक को लेकर भी साधा निशाना
राम मंदिर विवाद के अलावा प्रियंक खरगे ने NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षा लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए पूछा कि इन मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
‘परीक्षा पे चर्चा’ पर भी किया कटाक्ष
प्रियंक खरगे ने प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि छात्रों की चिंता वास्तव में प्राथमिकता है, तो परीक्षा प्रणाली की खामियों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) और परीक्षा सुधारों पर व्यापक संवाद की जरूरत बताते हुए सरकार से इस दिशा में पहल करने की मांग की।