प्रिंस यादव की मौत से बिहार में सियासी घमासान, पप्पू यादव बोले- ‘यह हत्या है’
पटना में कोचिंग विवाद और फायरिंग केस के मुख्य आरोपी प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित होटल में संदिग्ध मौत के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इस घटना को हत्या करार देते हुए राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर नेपाल पुलिस और भारतीय एजेंसियां भी जांच में जुटी हैं। इस मौत ने एक तरफ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं तो दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाज़ी को तेज कर दिया है।
होटल के कमरे में संदिग्ध हालत में मिली मौत
प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के बंद कमरे में हुई। बताया जा रहा है कि वह अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां छिपकर रह रहा था। सुबह कमरे में कोई हलचल नहीं होने पर होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पप्पू यादव का बड़ा बयान—‘यह हत्या है’
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रिंस यादव की मौत एक सामान्य घटना नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने बिहार सरकार और प्रशासन से मांग की कि नेपाल प्रशासन से समन्वय कर इस मामले की गहराई से जांच कराई जाए। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि एक भाई पहले से जेल में है और अब दूसरे की मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।
कोचिंग हमले के बाद से चल रहा था फरार
प्रिंस यादव का नाम 2 जून को पटना स्थित खान सर की कोचिंग पर हुए हमले और फायरिंग केस में मुख्य आरोपियों में शामिल था। FIR दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। बताया जाता है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भारत-नेपाल सीमा के पास विराटनगर में अपने कुछ साथियों के साथ छिपा हुआ था। इसी दौरान अचानक उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई, जिसने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
FIR और हमले की पूरी पृष्ठभूमि
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस रात कोचिंग क्लास खत्म होने के बाद आरोपियों का एक समूह कोचिंग परिसर में पहुंचा था। आरोप है कि वहां गार्ड के साथ मारपीट की गई और परिसर में तोड़फोड़ भी की गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और FIR दर्ज की गई थी। इसी केस में प्रिंस यादव का नाम सामने आया था, जिसके बाद वह लगातार फरार था और बाद में नेपाल में छिपने की बात सामने आई।
राजनीतिक और कानूनी जांच तेज
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है और विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं, पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रिंस यादव की मौत प्राकृतिक है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई साजिश है। नेपाल पुलिस भी भारतीय एजेंसियों के संपर्क में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।