प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर गरमाई सियासत, शाहनवाज हुसैन ने संसद में माफी की मांग उठाई
संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणी पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं कांग्रेस अपने बयान पर कायम है और शिक्षा व्यवस्था व महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रही है।
शाहनवाज हुसैन बोले- संसद की मर्यादा का होना चाहिए सम्मान
बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस नेतृत्व पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रह्लाद जोशी के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। शाहनवाज ने कहा कि लोकतंत्र में तीखी बहस हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। उनके अनुसार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अपनी टिप्पणी पर सदन और देश से माफी मांगनी चाहिए ताकि संसदीय मर्यादाओं का सम्मान बना रहे।
‘मंत्रिमंडल का गठन प्रधानमंत्री का संवैधानिक अधिकार’
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी, यह पूरी तरह प्रधानमंत्री का संवैधानिक विशेषाधिकार है। उन्होंने प्रह्लाद जोशी के राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। बीजेपी का कहना है कि किसी मंत्री की नियुक्ति पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। पार्टी ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।
पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सामने आया। बहस के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर सवाल उठाए और एक पुराने विवाद का जिक्र किया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित बीजेपी के कई नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया।
प्रियंका गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शीर्ष पदों पर बैठे लोगों से उच्च नैतिक मानकों की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने प्रह्लाद जोशी को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों पर सरकार का रवैया चिंता पैदा करता है। हालांकि, ये आरोप प्रियंका गांधी द्वारा सदन में लगाए गए थे और इन पर संबंधित पक्ष की ओर से सहमति या स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
लोकसभा अध्यक्ष ने दिए संयम बरतने के निर्देश
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखने और बिना प्रमाण के आरोप लगाने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और यहां भाषा तथा आचरण दोनों की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। इसके बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी रही।