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NEET छात्र सुसाइड पर सियासत तेज: राहुल गांधी की मुलाकात में हिस्ट्रीशीटर की मौजूदगी पर BJP हमलावर, NSUI ने दी सफाई

राजस्थान में NEET परीक्षा विवाद के बाद छात्र आत्महत्या मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi द्वारा पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान एक कथित हिस्ट्रीशीटर की मौजूदगी को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं। वहीं NSUI ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मुलाकात में शामिल लोगों का चयन खुद पीड़ित परिवार ने किया था।

छात्र आत्महत्या मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल

राजस्थान में NEET परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बाद सीकर के छात्र प्रदीप माहिच की आत्महत्या का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। परिवार का आरोप है कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र मानसिक तनाव और अवसाद में चला गया था। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। लेकिन इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद नया विवाद शुरू हो गया, जिसने मामले को राजनीतिक बहस में बदल दिया।

बीजेपी ने उठाए मुलाकात पर सवाल

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की मुलाकात में एक कथित हिस्ट्रीशीटर भी मौजूद था। बीजेपी नेताओं का दावा है कि राजेश जोया उर्फ ‘सरकार’ नाम का व्यक्ति रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि संवेदनशील मुलाकात में ऐसे व्यक्ति की मौजूदगी कैसे हुई और क्या कांग्रेस को उसके बारे में जानकारी थी। बीजेपी इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था और कांग्रेस की कार्यशैली से जोड़कर हमला कर रही है।

NSUI ने आरोपों को बताया भ्रामक

इन आरोपों पर NSUI ने सफाई देते हुए कहा कि विवाद खड़ा किया जा रहा है। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के अनुसार, राहुल गांधी से मिलने वाले पांच लोगों के नाम खुद पीड़ित परिवार ने तय किए थे। उन्होंने कहा कि मृतक छात्र के पिता ने राजेश जोया को अपना रिश्तेदार बताया था। NSUI का दावा है कि संबंधित व्यक्ति कोई अपराधी नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा कार्यकर्ता है, जिसके खिलाफ आंदोलन के दौरान कुछ मुकदमे दर्ज हुए थे। संगठन ने गैंगस्टर से किसी भी संबंध के आरोपों को निराधार बताया।

दिल्ली में हुई थी राहुल गांधी से मुलाकात

जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के बुलावे पर पीड़ित परिवार 27 मई को दिल्ली पहुंचा था। वहां करीब आधे घंटे तक परिवार और राहुल गांधी के बीच बातचीत हुई। इस दौरान छात्र के पिता, बहन, चचेरे भाई और परिवार के कुछ करीबी लोग मौजूद थे। कांग्रेस और NSUI ने इस मुलाकात को संवेदनशील और मानवीय पहल बताते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठा रहा है।

NEET पेपर लीक विवाद फिर चर्चा में

इस पूरे घटनाक्रम के बाद NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को मुद्दा बना रहा है। वहीं बीजेपी कांग्रेस पर संवेदनशील मामलों में राजनीति करने का आरोप लगा रही है। छात्र की आत्महत्या के बाद शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सियासी बयानबाजी के बीच परिवार की मांग

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर कायम है। परिवार चाहता है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी छात्र को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। फिलहाल यह मामला शिक्षा, राजनीति और सामाजिक संवेदनशीलता—तीनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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