#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

राजस्थान कांग्रेस में सियासी हलचल, डोटासरा के तंज पर अशोक गहलोत ने दिया जवाब

राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी राजनीति चर्चा का विषय बन गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के ‘सेल्फ ब्रांडिंग’ और ‘व्यक्तिवाद’ वाले बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने कहा कि उनके और डोटासरा के बीच किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है तथा पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखते हुए कई महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिए।

मालवीय समर्थकों की मुलाकात से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय अपने समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचने से पहले अशोक गहलोत के जयपुर स्थित आवास पहुंचे। वहां गहलोत ने उनका स्वागत किया और समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद सभी कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे, जहां औपचारिक कार्यक्रम आयोजित था। इसी घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक प्रक्रिया और व्यक्तिगत कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।

डोटासरा ने ‘सेल्फ ब्रांडिंग’ पर जताई नाराजगी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यक्रम के दौरान बिना किसी का नाम लिए कहा कि कांग्रेस को किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि संगठन की ब्रांडिंग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिवाद और व्यक्तिगत छवि को प्राथमिकता देने की राजनीति से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। डोटासरा ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक वे प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनका पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में गहलोत खेमे की ओर इशारा माना गया।

गहलोत बोले- यह केवल शिष्टाचार मुलाकात थी

अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके आवास पर कोई औपचारिक सदस्यता कार्यक्रम आयोजित नहीं था। उनके अनुसार, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और उनके समर्थक केवल शिष्टाचार मुलाकात के लिए आए थे। गहलोत ने बताया कि उन्होंने कार्यकर्ताओं को इतनी दूर जयपुर आने से भी मना किया था और कहा था कि वे स्वयं बांसवाड़ा जाकर उनसे मिलेंगे, लेकिन आग्रह के बाद उन्होंने मुलाकात के लिए समय दिया।

‘डोटासरा से कोई नाराजगी नहीं, कांग्रेस एकजुट है’

पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनके और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच किसी प्रकार की व्यक्तिगत नाराजगी या मतभेद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि अध्यक्ष ने कोई प्रतिक्रिया दी है तो वह उस समय उपलब्ध जानकारी के आधार पर रही होगी। गहलोत ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के सभी नेता संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और पार्टी में किसी तरह का टकराव नहीं है।

मीडिया से भी की अपील, कांग्रेस की एकता पर दिया जोर

अशोक गहलोत ने मीडिया से अपील की कि कांग्रेस के भीतर मतभेदों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने से बचा जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को मजबूत विपक्ष की जरूरत है और कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करेगी। गहलोत ने विश्वास जताया कि राजस्थान में पार्टी संगठित होकर भविष्य के चुनाव लड़ेगी और जनता के बीच मजबूती से अपनी बात रखेगी। फिलहाल गहलोत और डोटासरा के बयानों के बाद राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

इसे भी पढ़ें – टोंक में 16 दिन से लापता वृद्धा का शव मिला, बदबू आने पर हुआ दर्दनाक खुलासा

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *