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राजस्थान में ‘ऑपरेशन बॉर्डर क्लीन’ पर सियासी संग्राम, डोटासरा-बेढम आमने-सामने; मंदिर-मस्जिद हटाने को लेकर तीखी बहस

राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में चल रहे ‘ऑपरेशन बॉर्डर क्लीन’ को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस अभियान के तहत अवैध अतिक्रमण और ढांचों को हटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने धार्मिक संरचनाओं को हटाने पर सवाल उठाए हैं, जबकि गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

ऑपरेशन बॉर्डर क्लीन पर उठे सवाल

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि ‘ऑपरेशन बॉर्डर क्लीन’ के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में मंदिर और मस्जिदों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली है। डोटासरा ने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा और देश की संप्रभुता से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए अचानक अल्टीमेटम देना गलत है।

जनता को परेशान करने का आरोप

डोटासरा ने आरोप लगाया कि इस अभियान के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है और बिना पर्याप्त संवाद के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार के पास सीमा सुरक्षा को लेकर कोई ठोस योजना है तो उसे स्पष्ट रूप से जनता और विपक्ष के सामने रखा जाए। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय चर्चा के बिना इस तरह की कार्रवाई से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

गृह राज्य मंत्री का पलटवार

कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। उनके अनुसार 50 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण या संदिग्ध ढांचे सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए उन्हें हटाया जाना जरूरी है।

‘देश की सुरक्षा सर्वोपरि’ पर जोर

मंत्री बेढम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अवैध कब्जों को हटाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में किसी भी अवैध गतिविधि को रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वही लोग अब सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति की है।

राजनीतिक तनाव बढ़ा, बयानबाजी तेज

इस पूरे मामले ने राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां कांग्रेस इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बता रही है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

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