PoK में हिंसा के दावों के बीच बढ़ा तनाव, भारतीय सेना से मदद की अपील वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं। कुछ संगठनों और सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई है और कई लोगों की मौत हुई है। इन वीडियो में कुछ लोग भारतीय सेना से मदद की अपील करते भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन दावों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए इन दावों को सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।
विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा बलों पर कार्रवाई के आरोप
PoK में जारी प्रदर्शनों के दौरान जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। संगठन का आरोप है कि दो दिनों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। इन दावों पर पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और स्वतंत्र स्रोतों से इनकी पुष्टि भी नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए मदद की अपील वाले वीडियो
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोग स्वयं को PoK का निवासी बताते हुए भारतीय सेना से मदद की अपील करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में सुरक्षा बलों पर बल प्रयोग और हिंसा के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन वीडियो की प्रामाणिकता और घटनाओं के समय एवं स्थान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
पूर्व सैन्यकर्मियों के घायल होने के भी दावे
कुछ मीडिया रिपोर्टों और ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया गया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तान सेना के कुछ पूर्व सैनिक भी घायल हुए हैं। इनमें एक पूर्व SSG कमांडो का नाम भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक घायल व्यक्ति का वीडियो भी प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन उसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों की पुष्टि आधिकारिक जांच या विश्वसनीय स्रोतों से होना अभी बाकी है।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
PoK की मौजूदा स्थिति को लेकर विभिन्न दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। फिलहाल स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों या आधिकारिक संस्थाओं की ओर से इन सभी घटनाओं की विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति पर आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है।