PoK चुनाव से पहले नवाज शरीफ पर बिलावल का हमला, संविधान बदलने के दावे से बढ़ी सियासी हलचल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में प्रस्तावित चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) अपने नेता नवाज शरीफ को PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए संविधान में संशोधन करना चाहती है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और PML-N की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बिलावल भुट्टो ने PML-N पर लगाए गंभीर आरोप
मीरपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो जरदारी ने दावा किया कि PML-N नेतृत्व पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के संवैधानिक ढांचे में बदलाव कर नवाज शरीफ को वहां का प्रधानमंत्री बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि पार्टी कथित तौर पर ऐसे संशोधन की तैयारी कर रही है, जिससे नवाज शरीफ को इस पद पर नियुक्त किया जा सके। हालांकि, बिलावल ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या आधिकारिक प्रमाण पेश नहीं किया।
नवाज शरीफ के बयान के बाद बढ़ी चर्चा
बिलावल का बयान उस समय आया, जब एक दिन पहले नवाज शरीफ ने एक जनसभा में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि यदि उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो वह अपने भाई और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे। इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। फिलहाल PML-N ने इसे लेकर कोई औपचारिक नीति या घोषणा जारी नहीं की है।
मरियम नवाज पर भी साधा निशाना
बिलावल भुट्टो ने चुनावी सभा के दौरान पंजाब की राजनीति और विकास के मुद्दे पर भी PML-N को घेरा। उन्होंने मरियम नवाज के बयानों पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी केवल रायविंड और सीमित क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देती है, जबकि अन्य इलाकों की अनदेखी की जाती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब PoK चुनाव को लेकर PPP और PML-N के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
PoK चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चुनाव 27 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति का भी केंद्र बन गया है, क्योंकि PPP और PML-N दोनों इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर चल रहे हैं।
महंगाई और प्रशासन के खिलाफ जारी हैं प्रदर्शन
PoK में पिछले कुछ समय से महंगाई, बिजली दरों और प्रशासनिक नीतियों के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) समेत कई संगठन सरकार से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया है। इन आंदोलनों के बीच होने वाले चुनावों पर पूरे क्षेत्र और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।