पीओके में हिंसा पर यूके संसद में उठा मुद्दा, स्वतंत्र जांच और मानवाधिकारों की सुरक्षा की मांग
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में हालिया हिंसा और नागरिकों की मौत के दावों को लेकर ब्रिटेन की संसद में चिंता जताई गई है। लेबर पार्टी के सांसद लियाम बायर्न समेत कुछ ब्रिटिश सांसदों ने मानवाधिकारों की सुरक्षा, हिंसा रोकने और घटनाओं की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। वहीं, मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच और क्षेत्र में संचार प्रतिबंध हटाने की अपील की है। हालांकि, नागरिकों की मौत और घटनाओं से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यूके संसद में उठी PoJK की स्थिति पर चिंता
ब्रिटेन की संसद में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। लेबर सांसद लियाम बायर्न ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी और संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि यूके की सभी राजनीतिक पार्टियों के सांसदों का समूह (All-Party Parliamentary Group on Kashmir) इस मुद्दे पर पाकिस्तान के उच्चायोग और ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराना चाहता है। उनका कहना था कि प्राथमिकता हिंसा रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की होनी चाहिए।
स्वतंत्र जांच और संयम बरतने की अपील
ब्रिटिश सांसदों ने कथित हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवाद का समाधान शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से तलाशने की अपील की। सांसदों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा से आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच आवश्यक है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी जताई चिंता
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की महासचिव एग्नेस कैलामार्ड ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि PoJK से आ रही रिपोर्टें चिंताजनक हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर लगे प्रतिबंध हटाने तथा मीडिया और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में पहुंच की अनुमति देने की अपील की, ताकि हालात का निष्पक्ष आकलन किया जा सके।
क्षेत्र में तनाव पर बनी हुई है वैश्विक नजर
PoJK में हालिया घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है। विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जबकि स्वतंत्र रूप से सभी तथ्यों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि निष्पक्ष जांच और कूटनीतिक संवाद के जरिए ही स्थिति को स्पष्ट किया जा सकता है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।