PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स दौरे पर पीएम मोदी, हिंद महासागर में भारत की रणनीति को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का संकेत माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी की यह दूसरी सेशेल्स यात्रा है और इसे भारत की ‘विजन महासागर’ नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सेशेल्स पहुंचने पर पीएम मोदी का हुआ विशेष स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेशेल्स पहुंचने पर राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और उनका स्वागत किया। सामान्य प्रोटोकॉल से हटकर किया गया यह स्वागत दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मजबूत मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार और भरोसेमंद मित्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खोलेगी और जनता के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
राष्ट्रीय दिवस समारोह और द्विपक्षीय वार्ता पर रहेगी नजर
अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ब्लू इकोनॉमी और विकास परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे, जिससे दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
भारतीय नौसेना और सैन्य दल भी बने समारोह का हिस्सा
सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों का दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी भाग ले रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की गहराई को दर्शाता है। भारत लंबे समय से सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में सहयोग करता रहा है। भारतीय नौसेना ने वहां के कोस्ट गार्ड को गश्ती जहाज, डोर्नियर विमान और प्रशिक्षण जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है।
कहां स्थित है सेशेल्स और क्यों है खास?
सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित 115 द्वीपों का खूबसूरत द्वीपीय राष्ट्र है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 455 वर्ग किलोमीटर है। यह मेडागास्कर के उत्तर-पूर्व और अफ्रीका के पूर्वी तट से लगभग 1,600 किलोमीटर दूर स्थित है। इसकी राजधानी विक्टोरिया माहे द्वीप पर है। सफेद रेतीले समुद्र तट, कोरल रीफ, समृद्ध जैव विविधता और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध यह देश हिंद महासागर में रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचते हैं।
भारत-सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव
भारत और सेशेल्स के संबंध दशकों पुराने हैं और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा लोगों के स्तर पर गहरे रिश्ते रहे हैं। सेशेल्स की लगभग 11 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है, जिससे दोनों देशों के सामाजिक संबंध भी मजबूत हुए हैं। भारत लगातार सेशेल्स में स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल विकास, क्षमता निर्माण और आधारभूत ढांचे के विकास में सहयोग करता रहा है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है।
भारत के लिए क्यों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है सेशेल्स?
हिंद महासागर में स्थित होने के कारण सेशेल्स भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है। यह देश महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों के करीब स्थित है, जहां से दुनिया का बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है। भारत के लिए सेशेल्स का महत्व समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने, आतंकवाद और अन्य समुद्री चुनौतियों से निपटने में भी है। साथ ही सेशेल्स का विशाल एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) समुद्री संसाधनों, ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं प्रदान करता है। चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत करने में भी सेशेल्स की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।