#पॉलिटिक्स

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पहली बार बोले PM मोदी, युवाओं और विकसित भारत पर दिया बड़ा संदेश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लगभग 24 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार सार्वजनिक मंच पर नजर आए। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में इस्तीफे या हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का कोई उल्लेख नहीं किया। ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका, विकसित भारत के विजन, सीमावर्ती गांवों के महत्व और कारगिल विजय दिवस पर अपने विचार साझा किए।

‘युवा ही 21वीं सदी के भारत की सबसे बड़ी ताकत’

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के करीब 250 जिलों के युवा इस पहल से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेरा युवा भारत (माय भारत)’ मंच से करोड़ों युवा जुड़ चुके हैं और देशभर में सकारात्मक बदलाव के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है और आने वाला समय भारतीय युवाओं की क्षमता को दुनिया के सामने नई पहचान देगा।

‘जो उत्साह युवाओं में दिखा, वह अद्भुत है’

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि करीब तीन लाख युवाओं ने इस पहल में भाग लिया, जिनमें से 400 से अधिक प्रतिभागियों का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने एक सप्ताह तक दूर-दराज के सीमावर्ती गांवों में रहकर वहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझा। उनके अनुसार यह अनुभव केवल भ्रमण नहीं, बल्कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का जीवंत उदाहरण है।

सीमावर्ती गांवों से जुड़ाव का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आने से पहले भी उन्हें कई सीमावर्ती गांवों में जाने और वहां के लोगों के बीच रहने का अवसर मिला था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी जब भी मौका मिलता है, वह सीमा से जुड़े गांवों का दौरा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ष दिवाली के अवसर पर वह देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के साथ त्योहार मनाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि सीमाओं की सुरक्षा और वहां रहने वाले लोगों का योगदान देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को नमन

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल कई युवाओं ने कारगिल क्षेत्र का दौरा किया और उन कठिन परिस्थितियों को करीब से देखा, जहां भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विजय हासिल की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे अनुभव युवाओं में राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करते हैं।

PM ने इस्तीफे पर नहीं की कोई टिप्पणी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी का पहला सार्वजनिक संबोधन था। हालांकि पूरे भाषण के दौरान उन्होंने न तो इस्तीफे का जिक्र किया और न ही उससे जुड़े किसी राजनीतिक विवाद पर टिप्पणी की। उनका पूरा फोकस युवाओं की भागीदारी, विकसित भारत के लक्ष्य, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और राष्ट्रीय एकता के संदेश पर केंद्रित रहा।

https://x.com/stvnewsonline

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *