पटना में NEET मुद्दे पर राजभवन मार्च के दौरान बवाल, छात्रों और पुलिस में झड़प
बिहार की राजधानी पटना में NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए छात्र मार्च के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास रोक दिया, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया, जबकि छात्र संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
जेपी गोलंबर पर रोका गया राजभवन मार्च
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में छात्र राजभवन मार्च निकाल रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित स्थान से आगे न बढ़ने की अपील की, लेकिन कुछ छात्र आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल
पटना पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। हालात सामान्य नहीं होने पर हल्का बल प्रयोग भी किया गया। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई। वहीं, छात्र संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण मार्च को रोकने के लिए अनावश्यक बल प्रयोग किया। दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं।
छात्रों ने उठाईं कई मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्र संगठन का कहना है कि उनका आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक शिक्षा सुधार से जुड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, कुछ लोगों के घायल होने की सूचना
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। घटनास्थल से कुछ प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आने की भी सूचना मिली है, हालांकि प्रशासन की ओर से घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
AISA ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रदर्शन को निर्धारित नियमों के तहत ही अनुमति दी जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।