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संसद में पेपर लीक पर तीखी बहस, विपक्ष ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरा

लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। विपक्षी नेताओं ने पेपर लीक, छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, जबकि केंद्र सरकार ने नए कानून को परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। चर्चा के दौरान इमरजेंसी, छात्र विरोध-प्रदर्शन और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

पेपर लीक कानून पर लोकसभा में गरमाई बहस

लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक रोकने के उद्देश्य से लाए गए संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने कहा कि केवल कानून को सख्त बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है। कई सांसदों ने हाल के छात्र आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। वहीं सरकार ने दावा किया कि नया संशोधन परीक्षा माफिया और संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद करेगा।

अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चर्चा के दौरान छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और सरकार को समय रहते उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं में असंतोष बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि 2024 में कानून बनाया गया था तो उसके बाद भी संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी।

किरण रिजिजू का पलटवार, सरकार ने नए कानून का किया बचाव

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनने और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों और अनुभवों के आधार पर कानून में सुधार किया जा रहा है, तो इसे सकारात्मक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संवाद और सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रही है तथा परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कानूनी बदलाव किए जा रहे हैं।

परीक्षा प्रणाली में सुधार पर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग तर्क

बहस के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सरकार और विपक्ष दोनों परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत मानते हैं, लेकिन उनके दृष्टिकोण अलग हैं। विपक्ष ने प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों पर जोर दिया, जबकि सरकार ने सख्त दंड, फास्ट-ट्रैक सुनवाई और कानूनी प्रावधानों को प्रभावी समाधान बताया। चर्चा के दौरान कई सांसदों ने युवाओं के भविष्य, भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर भी अपने विचार रखे।

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Stv News Rajasthan

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