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क्या शहबाज शरीफ की कुर्सी पर मंडरा रहा है खतरा? पूर्व मंत्री ने 2026 को बताया आखिरी साल

पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 2026 शहबाज शरीफ के लिए प्रधानमंत्री के रूप में आखिरी साल साबित हो सकता है, क्योंकि देश के महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका लगातार कमजोर होती जा रही है।

पूर्व वित्त मंत्री ने किया बड़ा दावा

पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने एक पॉडकास्ट के दौरान दावा किया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का राजनीतिक प्रभाव लगातार कम हो रहा है और मौजूदा कार्यकाल उनका आखिरी कार्यकाल साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश में अहम निर्णय लेने की वास्तविक शक्ति कहीं और केंद्रित होती जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री की भूमिका सीमित दिखाई दे रही है। इस बयान ने पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

ईरान मुद्दे पर उठाए सवाल

मिफ्ताह इस्माइल ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री मोहसिन नकवी की एक सोशल मीडिया पोस्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रमों के लिए सैन्य नेतृत्व को श्रेय दिया गया, जबकि प्रधानमंत्री का नाम प्रमुखता से सामने नहीं आया। उनके अनुसार, यह संकेत देता है कि सरकार के भीतर भी शक्ति संतुलन को लेकर अलग तस्वीर उभर रही है। हालांकि यह उनके व्यक्तिगत राजनीतिक विश्लेषण का हिस्सा है।

आर्थिक चुनौतियों को बताया बड़ी वजह

पूर्व मंत्री ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों में देश अपेक्षित आर्थिक विकास हासिल नहीं कर सका है। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी को सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में गिना। इस्माइल के अनुसार, जनता के बीच आर्थिक असंतोष का असर राजनीतिक नेतृत्व की लोकप्रियता पर भी पड़ता है और यही किसी भी सरकार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कारक होता है।

लोकप्रियता में गिरावट का दावा

मिफ्ताह इस्माइल का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसमर्थन सबसे अहम होता है। उनके अनुसार, अगर कोई नेता व्यापक जनसमर्थन बनाए रखने में सफल नहीं होता, तो उसके लिए लंबे समय तक राजनीतिक रूप से टिके रहना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि शहबाज शरीफ की लोकप्रियता पहले की तुलना में कमजोर हुई है, हालांकि इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पाकिस्तान की राजनीति में बना हुआ है अनिश्चितता का माहौल

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता संतुलन, आर्थिक चुनौतियां और सुरक्षा मुद्दे हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक भविष्यवाणी को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। फिलहाल शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियां किस दिशा में जाती हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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