विश्व संगीत दिवस पर अलवर में 12 घंटे तक गूंजा सुरों का जादू, कलाकारों ने बांधा समां
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर अलवर में संगीत प्रेमियों के लिए एक अनूठा आयोजन देखने को मिला। ऑल इंडिया स्ट्रेस फ्री मिशन के संगीत प्रकोष्ठ “तराना अलवर” द्वारा होटल लेमिनेड में 12 घंटे का सतत संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चले इस आयोजन में शहर के दर्जनों कलाकारों ने गीत, ग़ज़ल, भजन, सूफी संगीत और देशभक्ति रचनाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को संगीत के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संगीत के माध्यम से तनावमुक्त और सकारात्मक समाज का निर्माण करना रहा।
विश्व संगीत दिवस पर सुरों का भव्य उत्सव
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने अलवर की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। होटल लेमिनेड में आयोजित 12 घंटे के इस संगीतमय महोत्सव में सुबह से लेकर शाम तक सुरों की निरंतर सरिता बहती रही। कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं के संगीत को मंच मिला, जिससे हर आयु वर्ग के श्रोताओं को अपनी पसंद का संगीत सुनने का अवसर प्राप्त हुआ। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति और सामाजिक सौहार्द का सशक्त साधन भी है।
संगीत के जरिए तनावमुक्त समाज का संदेश
कार्यक्रम के संयोजक सुभाष भारती ने बताया कि “तराना अलवर” का उद्देश्य संगीत को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाना है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में संगीत लोगों को मानसिक तनाव से राहत देता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। इसी सोच के साथ विश्व संगीत दिवस पर यह विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत गीतों और रचनाओं ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि प्रेम, शांति, देशभक्ति और मानवीय मूल्यों का संदेश भी दिया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
संगीत समारोह में शहर के अनेक प्रतिभाशाली कलाकारों ने मंच संभाला और अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से माहौल को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम में सुभाष भारती, परवेज़ अख्तर, मनमोहन सिंह, राकेश शर्मा, स्मिता शर्मा, मधु सिंघल, संगीता गौड़, शैला अख्तर, रोहित गुप्ता, राजेंद्र कौर, गायत्री, मंजु शर्मा, सुधा मित्तल, प्रीतम, परमजीत सिंह, रूपसिंह, हरीश, नीरज, कालीचरण, रवि नायक, पी.सी. सैनी, पवन, आनंद, संजय अरोड़ा, नरेश, दिनेश, महेंद्र, अरुण, विनय और अनील सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। फिल्मी गीतों, ग़ज़लों, सूफी कलाम, भजनों और सदाबहार नगमों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने खूब सराहना की।
सांस्कृतिक पहचान को मिला नया आयाम
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में सभी कलाकारों ने निर्धारित समयानुसार अपनी प्रस्तुतियां दीं और पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में देवेन्द्र शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि राजेश शर्मा (इंदौर) और चिन्मय पराशर उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम न केवल संगीत प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि अलवर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी साबित हुआ। आयोजन ने शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया।