टोंक हत्याकांड में नया खुलासा: बुजुर्ग महिला के 8 लाख के गहने गायब, हाथ-पैरों की तलाश जारी
टोंक जिले के मेहंदवास थाना क्षेत्र के लवादर गांव में बुजुर्ग महिला हरबाई की निर्मम हत्या के मामले में जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं। चार कट्टों में मिले शव के कई अंग अब तक बरामद नहीं हो सके हैं, वहीं परिजनों ने दावा किया है कि महिला के पास मौजूद लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण भी गायब हैं। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
चार कट्टों में मिला था शव, कई अंग अब भी लापता
लवादर गांव के समीप वन क्षेत्र में गुरुवार रात चार कट्टों में एक बुजुर्ग महिला का कटा हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। प्रारंभिक जांच में मृतका की पहचान हरबाई पत्नी केसरा गुर्जर के रूप में हुई। पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार घटनास्थल पर शरीर का कुछ हिस्सा, सिर और पैरों के अवशेष मिले, लेकिन दोनों हाथ और पैरों के कुछ हिस्से अब तक बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस लगातार आसपास के जंगल और क्षेत्र में सर्च अभियान चला रही है ताकि शव के बाकी अंगों का पता लगाया जा सके।
8 लाख रुपये के आभूषण गायब होने का आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतका के परिजनों ने दावा किया कि हरबाई के पास बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण थे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद आभूषण गायब कर दिए गए। इसी आशंका के आधार पर परिवार और समाज के लोगों ने पुलिस से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और लूट के पहलू की भी जांच करने की मांग की। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले के हर पहलू की गहनता से पड़ताल की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन
शनिवार को हरबाई के परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने हत्या की गुत्थी जल्द सुलझाने, गायब आभूषणों की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इसके बाद परिजन शांत हुए और पुलिस को जांच के लिए समय दिया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद मृतका का शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ग्रामीणों ने बताया, देर होती तो सबूत भी मिट सकते थे
ग्रामीणों के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब गांव में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान कुछ महिलाओं को जंगल की तरफ से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब लोग मौके पर पहुंचे तो कट्टों में मानव शरीर के अंग दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-दो दिन और देरी होती तो जंगली जानवर शव के अवशेषों को भी नष्ट कर सकते थे, जिससे जांच और अधिक जटिल हो जाती। फिलहाल पूरा गांव इस घटना से स्तब्ध है और जल्द न्याय की मांग कर रहा है।