NEET सफल छात्रों की दो टूक: ‘पारदर्शी परीक्षा चाहिए, लेकिन आंदोलन राजनीति से दूर रहे’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP विरोध-प्रदर्शन के बीच अब NEET परीक्षा में सफल छात्रों की भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली का समर्थन करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि शिक्षा से जुड़े आंदोलनों को राजनीतिक विवादों और हिंसा से दूर रखा जाना चाहिए। छात्रों ने कहा कि किसी भी आंदोलन का मूल उद्देश्य शिक्षा सुधार होना चाहिए, न कि राजनीतिक टकराव।
‘शुरुआत सही थी, लेकिन अब दिशा बदल गई’
ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3,926 हासिल करने वाली प्रिया भारती ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने और निष्पक्ष परीक्षा की मांग के उद्देश्य से हुई थी, इसलिए शुरुआत में यह उचित लगा। हालांकि, उनके अनुसार समय के साथ आंदोलन में राजनीतिक और अन्य मुद्दों की एंट्री होने से इसका मूल उद्देश्य कमजोर पड़ता दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को केवल छात्रों के हितों तक सीमित रहना चाहिए।
‘भविष्य बचाना ज्यादा जरूरी था’
प्रिया भारती ने बताया कि पेपर लीक के बाद उन्हें दोबारा परीक्षा होने की संभावना दिख रही थी। ऐसे में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने के बजाय अपनी पूरी ऊर्जा री-NEET की तैयारी पर लगाई। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयारी का क्रम टूटने से छात्रों को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए उन्होंने आंदोलन की बजाय अपने करियर और पढ़ाई को प्राथमिकता दी।
‘छात्र आंदोलन राजनीतिक नहीं होना चाहिए’
AIR 15,823 प्राप्त करने वाली आरुषि कुमारी का कहना है कि यदि आंदोलन केवल छात्रों की समस्याओं और पेपर लीक तक सीमित रहता तो वह उसका समर्थन करतीं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें आंदोलन का स्वरूप राजनीतिक दिखाई देता है। उनके अनुसार, किसी भी छात्र आंदोलन का केंद्र केवल शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता होना चाहिए, न कि राजनीतिक एजेंडा।
‘राजनीतिक दखल से कमजोर पड़ा असली मुद्दा’
AIR 4,678 हासिल करने वाले अनुभव कृष्णा ने कहा कि शुरुआत में यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि समय के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की भागीदारी बढ़ने से मूल मुद्दा पीछे छूटता नजर आया। अनुभव के मुताबिक, शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर होने वाले आंदोलनों को शांतिपूर्ण और छात्रों की वास्तविक समस्याओं तक सीमित रखना अधिक प्रभावी होता है।
‘हिंसा किसी भी आंदोलन का समाधान नहीं’
अनुभव कृष्णा ने प्रदर्शन के दौरान सामने आई हिंसा और पुलिस कार्रवाई जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन की ताकत उसकी शांतिपूर्ण प्रकृति होती है। यदि आंदोलन हिंसक घटनाओं से जुड़ जाता है तो उसके मूल उद्देश्य पर असर पड़ता है और समाज में गलत संदेश जाता है।
‘शिक्षा सुधार का समर्थन, राजनीति का नहीं’
AIR 4,591 प्राप्त करने वाले अक्षय आनंद ने कहा कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के पक्षधर हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के साथ जुड़ रही राजनीतिक गतिविधियों से वे सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार, परीक्षा के समय अधिकांश गंभीर छात्रों की प्राथमिकता अपने भविष्य को सुरक्षित करना होती है, इसलिए उन्होंने भी आंदोलन की बजाय पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया।
छात्रों की साझा अपील: शिक्षा को राजनीति से दूर रखें
इन सफल अभ्यर्थियों का मानना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जरूरी है। साथ ही उन्होंने अपील की कि शिक्षा से जुड़े आंदोलनों को राजनीतिक मंच बनने से बचाया जाए, ताकि छात्रों की वास्तविक समस्याएं और समाधान केंद्र में बने रहें तथा शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव हो सके।