NCR में परिवर्तन योजना की धीमी रफ्तार, अलवर-भिवाड़ी में सिर्फ 190 वाहनों का पंजीयन; 1 नवंबर से दिल्ली में BS-4 पर रोक
दिल्ली-एनसीआर में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए शुरू की गई परिवर्तन योजना का अलवर और भिवाड़ी में सीमित असर दिखाई दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अलवर में अब तक सिर्फ 130 और भिवाड़ी में 60 वाहनों का पंजीयन हुआ है। यानी दोनों क्षेत्रों में कुल 190 वाहन ही योजना से जुड़े हैं। वहीं अलवर, भिवाड़ी और भरतपुर क्षेत्र में योजना के दायरे में 7 हजार से अधिक वाहन बताए जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से BS-4 वाहनों के प्रवेश पर रोक लागू होने की तैयारी है।
अलवर-भिवाड़ी में सिर्फ 190 वाहनों का पंजीयन
परिवर्तन योजना के तहत पुराने वाहनों को नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लेकिन अलवर और भिवाड़ी में अब तक अपेक्षित संख्या में वाहन मालिक योजना से नहीं जुड़े हैं।अलवर में 130 वाहन और भिवाड़ी में सिर्फ 60 वाहन पंजीकृत हुए हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर यह संख्या 190 है। योजना के दायरे में आने वाले वाहनों की तुलना में यह संख्या काफी कम है।
7 हजार से अधिक वाहन योजना के दायरे में
अलवर, भिवाड़ी और भरतपुर जिले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन क्षेत्रों में 7 हजार से ज्यादा पुराने बस-ट्रक परिवर्तन योजना के दायरे में बताए जा रहे हैं।ऐसे में केवल 190 वाहनों का पंजीयन योजना की जमीनी पहुंच को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पंजीयन और वास्तविक वाहन प्रतिस्थापन की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में हो सकती है।
दिल्ली-NCR के 37 जिलों में लागू योजना
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जुलाई 2026 में परिवर्तन योजना शुरू की थी। यह योजना दिल्ली-एनसीआर के 37 जिलों में लागू की गई है।इसका उद्देश्य पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले बस-ट्रकों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। इसके बदले BS-6, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
2.31 लाख बस-ट्रक योजना के दायरे में
योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत पात्र बस और ट्रकों की संख्या करीब 2,31,961 बताई गई है।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ये वाहन कुल वाहनों का लगभग तीन प्रतिशत हैं। लेकिन वायु प्रदूषण में इनकी हिस्सेदारी करीब 36 प्रतिशत बताई गई है। इसी वजह से पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने पर जोर दिया जा रहा है।
नए वाहन खरीदने पर ब्याज में छूट
परिवर्तन योजना में पात्र वाहन मालिकों के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। BS-4 या इससे बेहतर वाहन खरीदने पर पांच साल तक लोन की ब्याज दर में पांच प्रतिशत की छूट का प्रावधान बताया गया है।इसका उद्देश्य वाहन मालिकों को पुराने वाहन हटाकर नए वाहनों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के लाभ वाहन की श्रेणी और पात्रता के अनुसार लागू होंगे।
BS-6 डीजल और CNG वाहनों पर फ्यूल वाउचर
BS-6 डीजल या CNG वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के तहत पांच साल तक हर महीने 1,200 से 4,800 रुपए तक के फ्यूल वाउचर देने का प्रावधान बताया गया है।इससे नए वाहन की शुरुआती लागत के साथ संचालन खर्च को कम करने में मदद मिलने का लक्ष्य है। हालांकि, लाभ की वास्तविक राशि वाहन की श्रेणी पर निर्भर करेगी।
इलेक्ट्रिक वाहन पर 2.56 लाख तक सहायता
इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वालों के लिए भी योजना में आर्थिक सहायता का प्रावधान है। वाहन की श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपए से 2.56 लाख रुपए तक की एकमुश्त सहायता मिलने की जानकारी है।इसके अलावा करीब 10 साल तक मोटर व्हीकल टैक्स में छूट का प्रावधान भी योजना का हिस्सा बताया गया है। इन प्रोत्साहनों के जरिए वाहन मालिकों को स्वच्छ ईंधन वाले विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
1 नवंबर से दिल्ली में BS-4 पर रोक
दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से BS-4 वाहनों के प्रवेश पर रोक लागू होने की जानकारी सामने आई है। इसका सीधा असर उन बस-ट्रक मालिकों पर पड़ सकता है, जिनके वाहन अभी BS-4 मानक वाले हैं।NCR में संचालित ऐसे वाहन अगर दिल्ली में प्रवेश करते हैं तो नए नियमों के कारण उनकी आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसे में वाहन मालिकों के सामने वाहन अपग्रेड या प्रतिस्थापन का विकल्प महत्वपूर्ण हो सकता है।
अलवर-भिवाड़ी में कम पंजीयन क्यों चिंता का विषय?
परिवर्तन योजना में आर्थिक प्रोत्साहन के बावजूद अलवर और भिवाड़ी में पंजीयन की संख्या फिलहाल सीमित है। इसका एक कारण वाहन मालिकों की जागरूकता, दूसरा वित्तीय निर्णय और तीसरा योजना की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी हो सकता है।हालांकि इन कारणों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। योजना की वास्तविक सफलता का आकलन वाहन पंजीयन के साथ पुराने वाहनों के वास्तविक प्रतिस्थापन से होगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए पुराने वाहनों को हटाना चुनौती
सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के दौरान पुराने डीजल वाहनों पर भी ध्यान दिया जाता है। कमर्शियल वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य है।अलवर और भिवाड़ी जैसे NCR क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वाणिज्यिक वाहन चलते हैं। ऐसे में योजना के प्रति वाहन मालिकों की भागीदारी प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अब योजना की रफ्तार बढ़ाने पर नजर
दिल्ली में BS-4 वाहनों पर प्रस्तावित रोक की तारीख नजदीक आने के साथ परिवर्तन योजना की प्रगति पर नजर रहेगी। अलवर और भिवाड़ी में फिलहाल 190 वाहनों का पंजीयन हुआ है।अब सवाल यह है कि योजना के आर्थिक प्रोत्साहनों के बावजूद बाकी पात्र वाहन मालिक कब तक इससे जुड़ते हैं। आने वाले समय में पंजीयन, वाहन प्रतिस्थापन और दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के आंकड़ों से योजना के प्रभाव की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।