होमगार्ड भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्रों से बढ़ाए अंक, सत्यापन में खुला खेल; 2 अभ्यर्थियों पर केस
जोधपुर में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए अतिरिक्त अंक हासिल करने का मामला सामने आया है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान दो अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए। जांच में एक अभ्यर्थी का RSCIT प्रमाण पत्र दूसरे व्यक्ति के नाम से संबंधित मिला। वहीं दूसरे अभ्यर्थी का ITI प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापन में किसी अन्य उम्मीदवार के नाम से दर्ज पाया गया। गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र जोधपुर की रिपोर्ट पर रातानाडा थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
20 से 24 मार्च तक हुआ था दस्तावेज सत्यापन
गृह रक्षा नवीन नामांकन प्रक्रिया के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था। यह प्रक्रिया 20 से 24 मार्च 2026 के बीच हुई।इसी दौरान अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत शैक्षणिक और विशेष योग्यता प्रमाण पत्रों की जांच की गई। विभाग ने दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन और क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया।जांच के दौरान दो अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद विभाग ने दोनों मामलों में पुलिस कार्रवाई शुरू कराई।
दूसरे अभ्यर्थी के नाम का RSCIT प्रमाण पत्र
पहला मामला फलोदी के जैतसर निवासी खेमाराम पुत्र मोतीराम से जुड़ा है।दस्तावेज सत्यापन के दौरान खेमाराम ने RSCIT प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। विभागीय सत्यापन में प्रमाण पत्र पर दर्ज लर्नर कोड और रोल नंबर किसी दूसरे अभ्यर्थी के नाम से संबंधित पाए गए।जांच में प्रमाण पत्र कूटरचित होने की बात सामने आई। इसके बाद गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र की ओर से खेमाराम के खिलाफ रातानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
ITI प्रमाण पत्र के सत्यापन में भी खुलासा
दूसरा मामला रामपाल पुत्र लादूराम, निवासी सेवकी कलां, बावड़ी से जुड़ा बताया गया है।रामपाल ने दस्तावेज सत्यापन के दौरान ITI फिटर का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। ऑनलाइन सत्यापन में प्रमाण पत्र पर दर्ज रोल नंबर का परिणाम किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से मिला।जांच में यह रोल नंबर सोनू कुमार बैरवा पुत्र रामसिंह बैरवा के नाम से संबंधित पाया गया। इसके बाद रामपाल की ओर से प्रस्तुत ITI प्रमाण पत्र भी संदिग्ध और कूटरचित पाया गया।
फर्जी प्रमाण पत्रों से मिले अतिरिक्त अंक
गृह रक्षा विभाग के अनुसार दोनों अभ्यर्थियों ने प्रस्तुत प्रमाण पत्रों के आधार पर अतिरिक्त अंक हासिल किए थे।इन्हीं अतिरिक्त अंकों के आधार पर दोनों को गृह रक्षा सदस्यता के लिए नामांकन मिला था। बाद में दस्तावेज सत्यापन में प्रमाण पत्रों की वास्तविकता सामने आने के बाद मामला खुला।इससे भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।
रातानाडा थाने में दर्ज हुआ मामला
गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र जोधपुर के प्रशासनिक अधिकारी बृजपाल सिंह की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज किया है।पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों अभ्यर्थियों ने प्रमाण पत्र कहां से हासिल किए।
ऑनलाइन सत्यापन से सामने आया फर्जीवाड़ा
इस मामले में खास बात यह रही कि दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन और क्रॉस-वेरिफिकेशन किया गया।RSCIT प्रमाण पत्र में लर्नर कोड और रोल नंबर दूसरे अभ्यर्थी से जुड़े मिले। वहीं ITI प्रमाण पत्र के रोल नंबर का परिणाम भी किसी अन्य उम्मीदवार के नाम पर दर्ज था।यानी डिजिटल रिकॉर्ड के मिलान से दोनों प्रमाण पत्रों की संदिग्ध स्थिति सामने आई।
अब पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी कड़ी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस दोनों अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। जांच में प्रमाण पत्र तैयार करने, उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल करने से जुड़े पहलुओं को देखा जाएगा।इसके अलावा विभागीय रिकॉर्ड और ऑनलाइन सत्यापन से मिले दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
भर्ती प्रक्रिया में सत्यापन की अहम भूमिका
होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में सामने आया यह मामला बताता है कि प्रमाण पत्रों का सत्यापन चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।फर्जी या कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अतिरिक्त अंक हासिल करने की कोशिश से योग्य अभ्यर्थियों के चयन पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन और मूल रिकॉर्ड से मिलान महत्वपूर्ण माना जाता है।फिलहाल दोनों अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े की तस्वीर स्पष्ट होगी।