नाना पाटेकर के निधन पर राजस्थान में शोक, CM भजनलाल बोले- ‘कर्मठ अभिनेता और अप्रतिम राष्ट्रभक्त’
जयपुर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हुआ। अस्पताल के अनुसार उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था और करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने भी निधन की पुष्टि की।नाना पाटेकर के निधन पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उनके अभिनय, राष्ट्रसेवा और सामाजिक सरोकारों को याद किया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जताया गहरा दुख
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ अभिनेता नहीं थे, बल्कि समाज में जागरूकता और राष्ट्रप्रेम की भावना से जुड़े व्यक्तित्व थे।राज्यपाल ने अभिनेता के साथ लेखक और निर्देशक के रूप में उनके योगदान को भी याद किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
CM भजनलाल शर्मा ने बताया ‘अप्रतिम राष्ट्रभक्त’
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें हिंदी और मराठी सिनेमा का महान अभिनेता बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर कर्मठ अभिनेता होने के साथ अप्रतिम राष्ट्रभक्त भी थे।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर की भूमिका का उल्लेख किया। नाना पाटेकर ने उस समय भारतीय प्रादेशिक सेना के साथ सेवा की थी। उनके इस पक्ष को लेकर उनके निधन के बाद भी चर्चा हो रही है।भजनलाल शर्मा ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय कला जगत और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने उनके सशक्त अभिनय, प्रभावशाली व्यक्तित्व और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण को याद किया।
वासुदेव देवनानी ने याद किया अभिनय
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नाना पाटेकर को प्रख्यात अभिनेता और रंगमंच का सशक्त कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि अपने विलक्षण अभिनय और दमदार संवादों के जरिए नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई।देवनानी ने कहा कि नाना पाटेकर के यादगार किरदार और उनकी आवाज लंबे समय तक दर्शकों की स्मृतियों में बनी रहेगी। उन्होंने परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अशोक गहलोत ने कहा- कला जगत को अपूरणीय क्षति
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया। उन्होंने अभिनेता के आकस्मिक निधन को बेहद दुखद बताया।गहलोत ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से कला जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। सिनेमा और रंगमंच में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
दिया कुमारी सहित कई नेताओं ने जताया शोक
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित राजस्थान के कई नेताओं ने भी नाना पाटेकर के निधन पर संवेदना व्यक्त की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और भाजपा नेता डॉ. सतीश पूनिया सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया।राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने नाना पाटेकर के अभिनय और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया। शोक संदेशों में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
चार दशक से ज्यादा लंबा रहा फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ रंगमंच में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली।परिंदा’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। ‘क्रांतिवीर’ में उनके अभिनय को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। मराठी सिनेमा में ‘नटसम्राट’ उनका चर्चित काम रहा।
अभिनय के साथ राष्ट्रसेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव
नाना पाटेकर की पहचान केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय सेना के साथ सेवा की थी। उन्होंने बाद में बताया था कि वह क्विक रिएक्शन टीम का हिस्सा रहे और करीब 60 दिन अग्रिम क्षेत्र में रहे।वह सामाजिक कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहे। उनके निधन के बाद उनके फिल्मी योगदान के साथ सामाजिक सरोकारों को भी याद किया जा रहा है।
पुणे में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को महाराष्ट्र सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ कराने की घोषणा की है। अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस में किया जाएगा।नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खो दिया, जिसकी पहचान दमदार अभिनय, अलग आवाज और प्रभावशाली संवाद अदायगी के लिए बनी। राजस्थान के नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक जताकर उनके योगदान को याद किया है।