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दिल्ली से गुरुग्राम और करनाल तक दौड़ेगी नमो भारत, 25 स्टेशनों वाले दो नए रैपिड रेल कॉरिडोर को मिली रफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नमो भारत रैपिड रेल परियोजना का विस्तार तेज हो गया है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद अब दिल्ली-गुरुग्राम-धारूहेड़ा और दिल्ली-पानीपत-करनाल रूट पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं को गति देने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने पर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

दो नए नमो भारत कॉरिडोर पर फोकस

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) की योजनाओं के तहत दिल्ली से दो नए रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें पहला कॉरिडोर दिल्ली से गुरुग्राम, मानेसर और धारूहेड़ा तक जाएगा, जबकि दूसरा दिल्ली से सोनीपत, पानीपत होते हुए करनाल तक पहुंचेगा। दोनों परियोजनाओं में कुल 25 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन कॉरिडोरों के विकसित होने से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नया विस्तार मिलेगा।

दिल्ली-गुरुग्राम-धारूहेड़ा कॉरिडोर में 13 स्टेशन

दिल्ली-गुरुग्राम-धारूहेड़ा नमो भारत कॉरिडोर में सराय काले खां, मुनिरका, एयरोसिटी, साइबर सिटी, इफ्को चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पचगांव, बिलासपुर और धारूहेड़ा जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए गए हैं। यह कॉरिडोर गुरुग्राम और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को दिल्ली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को मिली गति

हरियाणा सरकार ने परियोजना में देरी से बचने के लिए भूमि अधिग्रहण का नया मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जमीन सीधे भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कानूनी विवादों और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से बचा जा सकेगा। भूमि अधिग्रहण और स्थानीय स्तर पर समन्वय के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिनमें राजस्व विभाग, नगर नियोजन विभाग और स्थानीय निकायों के अधिकारी भी शामिल होंगे।

करनाल तक जाएगा दूसरा रैपिड रेल कॉरिडोर

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर लगभग 136 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। यह मार्ग सराय काले खां से शुरू होकर कश्मीरी गेट, बुराड़ी, नरेला, कुंडली, सोनीपत, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत और करनाल तक जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 35 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के अलावा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से भी सहयोग लेने की संभावना जताई गई है।

यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी

दोनों कॉरिडोर तैयार होने के बाद दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से करनाल पहुंचने में तीन से चार घंटे तक का समय लग जाता है, जबकि नमो भारत सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी लगभग डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकेगी। इसी तरह दिल्ली से पानीपत की यात्रा भी करीब एक घंटे में संभव होगी। इससे रोजगार, व्यापार और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

एनसीआर के विकास को मिलेगा नया आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि नमो भारत के नए कॉरिडोर केवल परिवहन परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये क्षेत्रीय विकास के नए केंद्र भी बनेंगे। गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे शहरों में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय विकास को गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोगों को दिल्ली में बसने की बजाय आसपास के शहरों से आवागमन का विकल्प मिलेगा, जिससे राजधानी पर बढ़ता दबाव भी कम होगा।

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