नैनीताल हादसे ने छीनी मासूम की मुस्कान, राणापुर में नम आंखों से 3 वर्षीय गौरांश को दी गई अंतिम विदाई
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर का एक परिवार छुट्टियों की खुशियां मनाने नैनीताल गया था, लेकिन यह सफर जीवनभर का दर्द बन गया। होटल की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद तीन वर्षीय गौरांश की इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूम का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा तो पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई और नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी गई।
होटल की तीसरी मंजिल से गिरा मासूम, इलाज के दौरान तोड़ा दम
राणापुर निवासी विशाल सोनी अपनी पत्नी सुरभि और तीन वर्षीय बेटे गौरांश के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नैनीताल घूमने गए थे। रविवार सुबह होटल में खेलते समय गौरांश तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर गया। हादसे में उसके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी और फिर दिल्ली रेफर किया गया। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद मासूम की जान नहीं बच सकी।
पार्थिव शरीर के साथ लौटा परिवार, पूरे कस्बे में छाया मातम
इलाज के दौरान गौरांश के निधन के बाद परिवार उसका पार्थिव शरीर लेकर राणापुर पहुंचा। बेटे की सलामती की उम्मीद में निकले माता-पिता को आखिरकार उसे अंतिम विदाई देने का दर्द झेलना पड़ा। परिवार के घर पहुंचते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में सांत्वना देने पहुंचे। पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं।
मन्नतों के बाद मिला था बेटा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार गौरांश का जन्म शादी के कई वर्षों बाद हुआ था और वह परिवार का इकलौता बेटा था। घर के सभी सदस्य उससे बेहद स्नेह करते थे। खासकर उसके दादा के साथ उसका विशेष लगाव था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि जिस बच्चे के साथ भविष्य के सपने देखे थे, उसकी असमय विदाई ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
राणापुर में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
सोमवार को राणापुर के बाल श्मशान घाट पर धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ गौरांश का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और परिवार को ढांढस बंधाया। कुछ ही दिनों बाद परिवार की धार्मिक यात्रा की भी योजना थी, लेकिन इस दुखद घटना ने सारी खुशियां पलभर में छीन लीं।