चूरू की प्रिया पूनिया: पिता ने 22 लाख का मकान बेचकर बनाया क्रिकेट मैदान, ऐसे पहुंचीं Team India तक
खबर का सारांश
राजस्थान के चूरू जिले की प्रिया पूनिया ने मेहनत और परिवार के त्याग से क्रिकेट में पहचान बनाई। राजगढ़ के जणाऊ खारी गांव से निकली प्रिया का सफर भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचा। उनके क्रिकेटर बनने के सपने के लिए पिता सुरेंद्र पूनिया ने बड़ा त्याग किया। उन्होंने 22 लाख रुपए का मकान बेचकर चौमूं के पास खेत खरीदा। इसी जमीन पर बेटी के अभ्यास के लिए क्रिकेट मैदान तैयार करवाया। प्रिया ने नियमित अभ्यास के जरिए अपनी बल्लेबाजी को निखारा। घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्हें इंडिया-ए में मौका मिला। इसके बाद उन्होंने भारतीय महिला टीम में जगह बनाई।
सात साल की उम्र से खेलों में रही रुचि
प्रिया पूनिया का जन्म 6 अगस्त 1996 को चूरू के जणाऊ खारी गांव में हुआ। उनके पिता भारतीय सर्वेक्षण विभाग में कार्यरत रहे। नौकरी के कारण परिवार को अजमेर, जयपुर और दिल्ली में रहना पड़ा। प्रिया ने दिल्ली से ग्रेजुएशन किया। उन्हें सात साल की उम्र से ही खेलों में रुचि थी। शुरुआत में पिता ने उन्हें बैडमिंटन और लॉन टेनिस की कोचिंग दिलाई। हालांकि, इन खेलों में प्रिया का मन नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण शुरू किया। यहीं से उनके क्रिकेट करियर की नींव पड़ी।
बेटी के अभ्यास के लिए बेच दिया 22 लाख का मकान
प्रिया के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए उनके पिता ने बड़ा फैसला लिया। बेहतर अभ्यास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने जयपुर का 22 लाख रुपए का मकान बेच दिया। इसके बाद चौमूं के पास खेत खरीदा गया। खेती करने के बजाय इस जमीन को क्रिकेट अभ्यास के मैदान में बदल दिया गया। प्रिया ने इसी मैदान पर लगातार अभ्यास किया। उन्होंने बल्लेबाजी की तकनीक और फिटनेस पर मेहनत की। परिवार के इस सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। धीरे-धीरे घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहतर होता गया।
दिल्ली और राजस्थान के लिए किया घरेलू क्रिकेट
प्रिया ने घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और राजस्थान की टीमों का प्रतिनिधित्व किया। वह मुख्य रूप से ओपनर बल्लेबाज के तौर पर खेलती रहीं। करीब एक दशक तक उन्होंने पारी की शुरुआत करने की भूमिका निभाई। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के आधार पर उन्हें इंडिया-ए में जगह मिली। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर उनका चयन भारतीय महिला टीम के लिए हुआ। गांव से शुरू हुआ उनका क्रिकेट सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका था। प्रिया की कहानी में उनके प्रदर्शन के साथ परिवार के निरंतर समर्थन की भी अहम भूमिका रही।
न्यूजीलैंड के खिलाफ किया अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
प्रिया पूनिया ने फरवरी 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से डेब्यू किया। इसके बाद अक्टूबर 2019 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने बल्लेबाजी से अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। उनकी नाबाद 75 रन की पारी को उनके यादगार प्रदर्शनों में गिना जाता है। प्रिया के लिए भारतीय टीम की जर्सी पहनना गर्व और रोमांच का पल रहा है। उनका कहना है कि यह जर्सी उन्हें हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
छोटे गांव से बड़ी उड़ान की कहानी
प्रिया पूनिया की कहानी केवल क्रिकेट की सफलता तक सीमित नहीं है। यह परिवार के भरोसे और बेटी के सपने को पूरा करने की मिसाल भी है। जणाऊ खारी जैसे छोटे गांव से निकलकर उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट तक का सफर तय किया। उनके पिता का फैसला इस सफर का अहम हिस्सा रहा। उन्होंने संसाधनों की कमी को बेटी के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। प्रिया की उपलब्धि ग्रामीण और छोटे शहरों की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है। यह कहानी बताती है कि सही मेहनत और समर्थन से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
संघर्ष से सफलता तक
- जन्म: 6 अगस्त 1996, जणाऊ खारी, राजगढ़, चूरू
- खेल की शुरुआत: 7 साल की उम्र में
- शुरुआती खेल: बैडमिंटन और लॉन टेनिस
- क्रिकेट प्रशिक्षण: क्रिकेट एकेडमी से शुरुआत
- पिता का त्याग: 22 लाख रुपए का मकान बेचकर मैदान तैयार
- घरेलू क्रिकेट: दिल्ली और राजस्थान
- भूमिका: ओपनर बल्लेबाज
- राष्ट्रीय स्तर: इंडिया-ए से भारतीय महिला टीम तक
- टी-20 डेब्यू: फरवरी 2019, न्यूजीलैंड के खिलाफ
- वनडे डेब्यू: अक्टूबर 2019, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ
- यादगार पारी: नाबाद 75 रन