राजस्थान में 2752 करोड़ से बनेगा 212 KM फोरलेन हाईवे, नागौर-जोधपुर का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद
राजस्थान में नागौर से जोधपुर और नागौर से बीकानेर के बीच हाईवे को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। दोनों परियोजनाओं की कुल लंबाई करीब 212 किलोमीटर है और इन पर करीब 2752 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। नागौर-जोधपुर हिस्से के लिए मार्च 2025 में 1393.34 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी हुई थी। वहीं नागौर-बीकानेर सेक्शन के लिए 2026 में करीब 1100.69 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हो चुका है। मौजूदा स्थिति में नागौर-बीकानेर हिस्से की निविदा प्रक्रिया चल रही है, जबकि नागौर-जोधपुर हिस्से में एलओए की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई है।
नागौर से जोधपुर तक फोरलेन की तैयारी
नागौर-जोधपुर मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना में नागौर से नेतड़ा तक करीब 87 किलोमीटर सड़क और बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को जोड़ने वाला करीब 16 किलोमीटर बाईपास शामिल है।इस परियोजना के लिए मार्च 2025 में करीब 1393.34 करोड़ रुपए की मंजूरी की जानकारी सामने आई थी। इसका उद्देश्य नागौर शहर में भारी वाहनों का दबाव कम करना और यातायात को बाईपास के जरिए निकालना है।
डेढ़ साल बाद भी काम जमीन पर शुरू नहीं
नागौर-जोधपुर हिस्से को मंजूरी मिले काफी समय बीत चुका है। इसके बावजूद निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब Letter of Award यानी LOA जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।
नागौर-बीकानेर सेक्शन का टेंडर जारी
नागौर से बीकानेर के बीच NH-62 के करीब 109.245 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए करीब 1100.69 करोड़ रुपए का अनुमानित टेंडर जारी किया है। यह परियोजना BOT टोल मॉडल पर प्रस्तावित है।
24 सितंबर तक जमा होंगे टेंडर
मौजूदा टेंडर दस्तावेज के अनुसार नागौर-बीकानेर फोरलेन परियोजना के लिए बोली जमा करने की अंतिम तारीख 24 सितंबर 2026 रखी गई थी। तकनीकी बोली खुलने की तारीख 25 सितंबर बताई गई है।टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को परियोजना के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी मिलेगी।
910 दिन में पूरा करना होगा नागौर-बीकानेर काम
टेंडर दस्तावेज के अनुसार नागौर-बीकानेर सेक्शन के काम की निर्धारित अवधि 910 दिन है।इसमें मौजूदा दो लेन सड़क को चार लेन में अपग्रेड करना, नई सड़क निर्माण, पुलों और पुलियाओं का निर्माण या पुनर्वास, जंक्शन, इंटरचेंज और ड्रेनेज से जुड़े काम शामिल हैं।
212 किलोमीटर फोरलेन से बदलेगी कनेक्टिविटी
नागौर-जोधपुर और नागौर-बीकानेर दोनों हिस्सों को मिलाकर करीब 212 किलोमीटर सड़क फोरलेन होने की योजना है।इससे बीकानेर, नागौर और जोधपुर के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। कस्बों से गुजरने वाले यातायात का दबाव कम करने के लिए बाईपास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
20 से ज्यादा ओवरब्रिज का भी प्रस्ताव
परियोजना के विभिन्न हिस्सों में कई ओवरब्रिज और अन्य संरचनाएं प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य प्रमुख कस्बों और आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाना है।फोरलेन बनने के बाद लंबी दूरी के वाहनों को शहरों के भीतर प्रवेश करने की जरूरत कम हो सकती है। इससे स्थानीय यातायात और भारी वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
नागौर शहर को रिंग रोड से भी राहत की उम्मीद
नागौर शहर के आसपास रिंग रोड की जरूरत लंबे समय से उठती रही है। बीकानेर रोड को लाडनूं रोड से जोड़ने वाला प्रस्तावित बाईपास इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।यदि प्रस्तावित कनेक्टिविटी पूरी होती है तो शहर के चारों तरफ सड़क नेटवर्क मजबूत होगा। इससे भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है।
रोजाना करीब 14 हजार PCU का ट्रैफिक
नागौर-बीकानेर सेक्शन पर यातायात का दबाव भी परियोजना की जरूरत को दर्शाता है। टेंडर से जुड़ी जानकारी के अनुसार इस मार्ग पर करीब 14 हजार PCU का दैनिक यातायात है।इसी कारण मौजूदा दो लेन सड़क को फोरलेन में अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है।
कब शुरू होगा काम?
नागौर-बीकानेर हिस्से में अभी निविदा प्रक्रिया चल रही है। टेंडर पूरा होने और चयनित एजेंसी को काम सौंपे जाने के बाद निर्माण शुरू होगा।वहीं नागौर-जोधपुर हिस्से में विभागीय स्तर पर LOA की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी है। इसलिए दोनों परियोजनाओं के निर्माण की वास्तविक शुरुआत संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।