सीकर में हिस्ट्रीशीटर की हत्या से सनसनी, परिजनों का धरना; गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग तेज
राजस्थान के सीकर जिले में हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि संगठित तरीके से उनका अपहरण कर जानलेवा हमला किया गया और बाद में गंभीर हालत में सड़क पर छोड़ दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
अपहरण के बाद बेरहमी से हमला करने का आरोप
परिजनों की शिकायत के अनुसार, बनवारीलाल मीणा को कई लोगों ने कथित रूप से जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि उसके बाद उन पर सरियों, लोहे की रॉड और लाठियों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल और अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। हमले में शामिल लोगों की भूमिका और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
परिजनों ने पहले से धमकियां मिलने का लगाया आरोप
मृतक के बड़े भाई का कहना है कि परिवार को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं। उनका आरोप है कि घटना से कुछ दिन पहले संदिग्ध लोग गांव में घूमते हुए धमकी भरे संदेश दे रहे थे और फोन के माध्यम से भी डराने का प्रयास किया गया था। परिजनों का दावा है कि इन धमकियों की जानकारी पहले पुलिस को भी दी गई थी। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो इस वारदात को रोका जा सकता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल फोन गायब होने से जांच पर उठे सवाल
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद मृतक का मोबाइल फोन गायब है। उनका मानना है कि मोबाइल में मौजूद कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल जानकारी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी कारण परिजन मोबाइल की बरामदगी को भी आवश्यक बता रहे हैं। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोबाइल कहां है और क्या उसे जानबूझकर हटाया गया। फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
धरने पर बैठे परिजन, कई मांगों पर अड़े
घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, जांच अधिकारी बदलकर निष्पक्ष जांच कराना और पूरे मामले की पारदर्शी पड़ताल शामिल है। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच संवाद की कोशिशें भी की जा रही हैं।
पुलिस ने जांच तेज की, संदिग्धों से पूछताछ जारी
दांतारामगढ़ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।