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मुंबई इंडियंस की लगातार हार से मचा हड़कंप, कप्तानी पर उठे सवाल—क्या रोहित शर्मा के साथ हुआ अन्याय?

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की खराब शुरुआत ने टीम प्रबंधन और कप्तानी को लेकर बहस तेज कर दी है। लगातार चार हार के बाद कप्तान हार्दिक पांड्या आलोचनाओं के घेरे में हैं। इस बीच पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने खुलकर सवाल उठाते हुए कप्तानी में बदलाव की वकालत की है, जिससे एक बार फिर रोहित शर्मा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

खराब शुरुआत ने बढ़ाई टीम की मुश्किलें

आईपीएल 2026 सीजन में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा है। टीम ने शुरुआती पांच मुकाबलों में सिर्फ एक जीत हासिल की, जबकि चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा। हालिया मुकाबले में पंजाब किंग्स ने मुंबई को उसके घरेलू मैदान पर एकतरफा अंदाज में हराया। इस हार के बाद टीम अंक तालिका में निचले पायदानों पर पहुंच गई है। लगातार खराब नतीजों ने टीम के आत्मविश्वास पर भी असर डाला है, जिससे अब प्लेऑफ की राह और कठिन नजर आ रही है।

कप्तानी पर उठे गंभीर सवाल

टीम की हार के बाद सबसे ज्यादा निशाने पर कप्तान हार्दिक पांड्या हैं। पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी ने उनकी कप्तानी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तिवारी का मानना है कि कप्तान के तौर पर हार्दिक का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल “जिम्मेदारी” की बात करना काफी नहीं, बल्कि मैदान पर उसका असर भी दिखना चाहिए। तिवारी के अनुसार, कप्तान को खुद के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि नेतृत्व का प्रभाव पूरे टीम पर पड़ता है।

रोहित शर्मा को हटाना बताया ‘अन्याय’

मनोज तिवारी ने साफ तौर पर कहा कि रोहित शर्मा से कप्तानी लेना सही फैसला नहीं था। उन्होंने याद दिलाया कि रोहित ने 2013 से 2023 के बीच मुंबई इंडियंस को पांच बार आईपीएल चैंपियन बनाया। तिवारी का मानना है कि ऐसे सफल कप्तान को हटाना टीम के संतुलन को बिगाड़ने वाला कदम साबित हुआ। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर टीम को मौजूदा संकट से बाहर निकालना है, तो कप्तानी एक बार फिर रोहित शर्मा को सौंपी जानी चाहिए।

रणनीतिक फैसलों पर भी उठी उंगली

केवल कप्तानी ही नहीं, बल्कि मैच के दौरान लिए गए फैसलों पर भी सवाल उठ रहे हैं। तिवारी ने खासतौर पर बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी रणनीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अहम समय पर सही बल्लेबाज को भेजने के बजाय हार्दिक का खुद पहले आना टीम के लिए नुकसानदेह साबित हुआ। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज को शुरुआती ओवर न देना भी समझ से परे रहा। वहीं दीपक चाहर के पहले ओवर में महंगे साबित होने से टीम पर दबाव बढ़ गया।

आगे क्या होगा—बदलाव की आहट?

मुंबई इंडियंस के लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा हो गया है। टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह जल्द से जल्द सही फैसले ले। कप्तानी में बदलाव हो या रणनीति में सुधार, कुछ बड़े कदम उठाना जरूरी हो गया है। अगर टीम जल्द वापसी नहीं करती, तो इस सीजन में प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म हो सकती हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या फ्रेंचाइजी कोई बड़ा फैसला लेकर टीम को फिर से पटरी पर ला पाती है या नहीं।

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