CJP से दूरी या पूरा समर्थन? जंतर-मंतर आंदोलन के जुनैद मलिक का नया वीडियो फिर बना चर्चा का विषय
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाले मोहम्मद जुनैद मलिक एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शीर्ष नेतृत्व उनके साथ खड़ी है और उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। इससे पहले वायरल हुए एक अन्य वीडियो में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की ओर से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात कही थी। दोनों वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘टॉप लीडरशिप मेरे साथ है’, नए वीडियो में किया दावा
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े मोहम्मद जुनैद मलिक के नए वायरल वीडियो में उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही उन चर्चाओं को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि CJP नेतृत्व ने उनसे दूरी बना ली है। जुनैद का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर आंदोलन और उससे जुड़े लोगों की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि पार्टी की शीर्ष नेतृत्व उनके साथ है और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास द्वारा भी साझा किए जाने की चर्चा है।
पहले वीडियो में जताई थी नेतृत्व से नाराजगी
नए वीडियो से पहले सामने आए एक अन्य वीडियो में जुनैद का रुख अलग दिखाई दिया था। उस वीडियो में उन्होंने कहा था कि आंदोलन समाप्त होने के बाद उन्हें उम्मीद के मुताबिक पार्टी नेतृत्व का सहयोग नहीं मिला। उनका कहना था कि न तो शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क किया और न ही कानूनी सहायता को लेकर कोई पहल हुई। उन्होंने यह भी कहा था कि वे चाहते थे कि सभी लोग मिलकर आगे की लड़ाई लड़ें, लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि संगठन उनसे दूरी बना रहा है। इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।
’35 दिन तक छात्रों के लिए भोजन बनाया’, जुनैद का दावा
एक मीडिया बातचीत में मोहम्मद जुनैद मलिक ने आंदोलन के दौरान निभाई गई अपनी भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि करीब 35 दिनों तक उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए भोजन, चाय, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कीं। उनका कहना था कि इतने लंबे समय तक साथ काम करने के बावजूद आंदोलन खत्म होने के बाद किसी ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि लगातार साथ रहने से अपनापन बन जाता है और उन्हें उम्मीद थी कि संगठन उनके संपर्क में रहेगा।
पुलिस पूछताछ के बाद सुर्खियों में आए थे जुनैद
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद मोहम्मद जुनैद मलिक उस समय भी चर्चा में आए थे, जब उन्हें कथित तौर पर पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। जुनैद का दावा है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित उनके गांव में भी पुलिस पहुंची थी और परिवार से पूछताछ के साथ बैंक खातों से जुड़ी जानकारी ली गई थी। हालांकि, इन दावों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
कौन हैं मोहम्मद जुनैद मलिक?
मोहम्मद जुनैद मलिक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नाहल गांव के निवासी बताए जाते हैं। जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन के दौरान वे किसी राजनीतिक पद पर नहीं थे और न ही मंच से भाषण देते दिखाई दिए। इसके बावजूद आंदोलन स्थल पर कम्युनिटी किचन चलाने में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है। उनके अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए भोजन, चाय, पानी और नाश्ते की व्यवस्था संभाली। इसी भूमिका के कारण आंदोलन समाप्त होने के बाद भी उनका नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है।