जंतर-मंतर आंदोलन के जुनैद को कांग्रेस का समर्थन, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मुलाकात कर दिया साथ का भरोसा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने वाले मोहम्मद जुनैद मलिक को अब कांग्रेस का खुला समर्थन मिला है। कांग्रेस सांसद और पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष Imran Pratapgarhi ने जुनैद से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इस बीच जुनैद ने पुलिस कार्रवाई और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों के व्यवहार को लेकर भी कई दावे किए हैं। हालांकि, उनके आरोपों और दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों की ओर से नहीं हुई है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दिया समर्थन
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के दौरान चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद मलिक से कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने सरकारी आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने जुनैद को कानूनी और अन्य आवश्यक सहायता का भरोसा दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सेवा करना अपराध नहीं हो सकता और यदि किसी व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया है तो उसे परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और विपक्ष ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए हैं।
भोजन सेवा के कारण चर्चा में आए थे जुनैद
मोहम्मद जुनैद मलिक जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन के दौरान तब सुर्खियों में आए, जब उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए कम्युनिटी किचन चलाने की जिम्मेदारी संभाली। उनके अनुसार, उन्होंने कई दिनों तक छात्रों के लिए भोजन, चाय, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। इसी दौरान उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए कई आरोप
जुनैद ने दावा किया है कि वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित उनके पैतृक गांव में पुलिस पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। उनका कहना है कि पुलिस ने फंडिंग और आर्थिक स्रोतों से जुड़े सवाल पूछे तथा कुछ दस्तावेजों की जानकारी भी ली। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में उनसे पूछताछ के दौरान कई सवाल किए गए। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
CJP नेतृत्व को लेकर भी जताई नाराजगी
पुलिस कार्रवाई के अलावा मोहम्मद जुनैद ने छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाले CJP के कुछ नेताओं को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद आंदोलन समाप्त होने के बाद उनसे संपर्क नहीं किया गया। जुनैद का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी व अन्य सहायता उपलब्ध कराएगा। वहीं, हाल के दिनों में उनका एक अन्य वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि CJP की शीर्ष नेतृत्व उनके साथ है। इन अलग-अलग बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है।
मामले ने पकड़ लिया राजनीतिक रंग
जुनैद को कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। एक ओर कांग्रेस पुलिस कार्रवाई और आंदोलनकारियों के साथ व्यवहार पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल मामले से जुड़े कई दावों और आरोपों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है, जिसके बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ हो सकेगी।