सहकारिता मंत्रालय के 5 साल पूरे: अमित शाह ने लॉन्च कीं कई बड़ी योजनाएं, बीमा से लेकर डिजिटल PACS तक नए ऐलान
सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी क्षेत्र को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और योजनाओं की शुरुआत की। जीवन बीमा कंपनी, भारत टैक्सी विस्तार, डिजिटल PACS, आधुनिक गोदाम और कृषि अवसंरचना जैसे कदमों के जरिए सरकार ने सहकारिता मॉडल को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का अहम आधार बताया।
सहकारी जीवन बीमा कंपनी का ऐलान, सदस्यों को मिलेगा नया सुरक्षा कवच
पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर अमित शाह ने घोषणा की कि सहकारिता क्षेत्र की अपनी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी। उनका कहना था कि इससे देशभर की सहकारी संस्थाओं से जुड़े करोड़ों सदस्यों को वित्तीय सुरक्षा का नया विकल्प मिलेगा। उन्होंने बताया कि सरकार सहकारी ढांचे को केवल कृषि तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि बैंकिंग, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं में भी इसे मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। यह पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
‘भारत टैक्सी’ योजना का 500 शहरों तक होगा विस्तार
अमित शाह ने बताया कि सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ योजना का विस्तार अगले दो वर्षों में देश के 500 शहरों तक किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य टैक्सी सेवाओं को सहकारी मॉडल से जोड़ना और ड्राइवरों को बेहतर आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से निजी एग्रीगेटर मॉडल के विकल्प के रूप में सहकारी व्यवस्था मजबूत होगी और लाखों लोगों को रोजगार तथा आय के नए अवसर मिलेंगे। इसके जरिए परिवहन क्षेत्र में भी सहकारिता की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है।
50 हजार PACS होंगे डिजिटल, ग्रामीण सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार
कार्यक्रम में डिजिटल सहकारिता पर विशेष जोर दिया गया। अमित शाह ने बताया कि 50 हजार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को ई-PACS में बदला जा रहा है। इस पहल से सहकारी संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता आएगी, रिकॉर्ड डिजिटल होंगे और किसानों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक आसानी से मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना और सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना है।
गोदाम, बीज और कृषि परियोजनाओं को मिली नई ताकत
सहकारिता मंत्रालय ने कृषि और भंडारण क्षेत्र में भी कई अहम परियोजनाओं की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान 75 हजार टन क्षमता वाले 135 गोदामों का हस्तांतरण किया गया, जबकि 85 नए गोदामों का उद्घाटन और 47 अनाज भंडारण गोदामों का शिलान्यास भी हुआ। इसके अलावा अमूल और NCCF के सहयोग से ‘सहकार वन’ परियोजना शुरू की गई। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और महाराष्ट्र के जलगांव में टिश्यू कल्चर सुविधाओं की आधारशिला रखी गई तथा भारतीय बीज सहकारी समिति (BBSSL) और ICAR के बीच बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
सहकारिता विश्वविद्यालय से तैयार होंगे प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स
अमित शाह ने गुजरात के आनंद में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सहकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करेगा और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देगा। उनका कहना था कि पेशेवर नेतृत्व और तकनीकी दक्षता के बिना सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक नहीं पहुंचाया जा सकता। यह संस्थान भविष्य में सहकारी क्षेत्र के लिए विशेषज्ञों और प्रशिक्षित प्रबंधकों की नई पीढ़ी तैयार करेगा।
‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के जरिए देशभर में हुए विशेष कार्यक्रम
मंत्रालय की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश में ‘सहकार से समृद्धि’ थीम पर व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान सहकारी चौपाल, किसान संवाद, डिजिटल सेवाओं का प्रदर्शन, स्वास्थ्य शिविर, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, वृक्षारोपण और उत्कृष्ट सहकारी संस्थाओं के सम्मान समारोह आयोजित किए गए। अमित शाह ने कहा कि देश में 30 करोड़ से अधिक लोग और 8.5 लाख से ज्यादा सहकारी संस्थाएं इस आंदोलन से जुड़ी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के जरिए सहकारिता क्षेत्र विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।