मथुरा हादसा: ‘फरसा वाले बाबा’ के बाद ट्रक ड्राइवर की भी मौत, गौशाला संभालेगा प्रशासन
मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध गौ रक्षक चंद्रशेखर बाबा की सड़क हादसे में मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में शामिल ट्रक चालक की भी जान चली गई है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के साथ-साथ बाबा की गौशाला की जिम्मेदारी लेने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
घने कोहरे में हुआ दर्दनाक हादसा
मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र के कोटवन बॉर्डर पर तड़के करीब 4 बजे यह हादसा हुआ। प्रशासन के मुताबिक, उस समय इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी। इसी दौरान बाबा की गाड़ी सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही बाबा की मौत हो गई। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक चालक भी इस दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठा।
समर्थकों का हंगामा, हाईवे पर जाम
बाबा की मौत की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने उग्र होकर पथराव शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर हालात को काबू में किया गया।
हत्या के आरोप बनाम प्रशासन का बयान
बाबा के अनुयायियों ने इस घटना को साधारण हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे गौ तस्करों की साजिश बताया। उनका आरोप है कि बाबा की हत्या की गई है। हालांकि प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, जिस ट्रक की जांच की गई उसमें केवल परचून का सामान जैसे साबुन और फिनाइल मिला है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट रूप से कोहरे के कारण हुआ सड़क हादसा ही प्रतीत हो रहा है।
प्रशासन सख्त, दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी
घटना के बाद हुए बवाल को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने पूरी घटना की वीडियोग्राफी करवाई है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
गौशाला की जिम्मेदारी लेगा प्रशासन
बाबा चंद्रशेखर अपनी गौ सेवा के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध थे और उनकी गौशाला में बड़ी संख्या में गौवंश की देखभाल होती थी। उनकी अचानक मृत्यु के बाद गौशाला के संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इस पर प्रशासन ने आगे आते हुए गौशाला की जिम्मेदारी संभालने का भरोसा दिया है। साथ ही गौवंश की सुरक्षा और देखरेख के लिए विशेष इंतजाम किए जाने की बात कही गई है, ताकि सेवा कार्य प्रभावित न हो।