मालाखेड़ा में 100 साल की शरबती देवी का सम्मान, एक छत के नीचे दिखीं चार पीढ़ियां
अलवर। मालाखेड़ा क्षेत्र के जमालपुर गांव में एक ऐसा भावुक और गौरवपूर्ण पल देखने को मिला, जिसने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों का भी ध्यान खींचा। यहां 100 वर्ष की आयु पार कर चुकीं शरबती देवी राजपूत को निर्वाचन विभाग की ओर से सम्मानित किया गया। वृद्धजन दिवस के अवसर पर शतायु मतदाताओं के सम्मान की पहल के तहत निर्वाचन विभाग की टीम उनके घर पहुंची। इस दौरान शरबती देवी को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।इस सम्मान समारोह की खास बात यह रही कि शरबती देवी के साथ उनके परिवार की चार पीढ़ियां एक ही छत के नीचे मौजूद थीं। उनके पुत्र, पुत्रवधू और पड़पोती भी इस खास अवसर पर साथ रहे। उम्र के इस पड़ाव पर परिवार के बीच मिला सम्मान शरबती देवी के लिए यादगार बन गया।
घर पहुंचकर निर्वाचन विभाग ने किया सम्मान
राज्य निर्वाचन विभाग के निर्देश पर 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मतदाताओं को उनके घर जाकर सम्मानित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO सुनीता मीणा जमालपुर गांव पहुंचीं।उन्होंने निर्वाचन विभाग की ओर से शरबती देवी को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया। घर पर ही सम्मान मिलने से परिवार के सदस्यों में खुशी का माहौल रहा। परिजनों ने इसे परिवार के लिए गौरव का अवसर बताया।शरबती देवी ने अपने जीवन के लंबे सफर में कई सामाजिक और राजनीतिक बदलाव देखे हैं। ऐसे में उनका सम्मान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से लंबे समय से जुड़े मतदाताओं के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।
जमालपुर क्षेत्र में दो शतायु मतदाता
BLO सुनीता मीणा के अनुसार जमालपुर क्षेत्र में दो शतायु मतदाता हैं। इनमें शरबती देवी के अलावा जमुना देवी भी शामिल हैं। निर्वाचन विभाग की ओर से दोनों शतायु मतदाताओं को सम्मानित किया जा रहा है।इस पहल के तहत अधिकारियों और निर्वाचन विभाग से जुड़े कर्मचारी बुजुर्ग मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं। इसका उद्देश्य ऐसे मतदाताओं के योगदान और लोकतांत्रिक भागीदारी को सम्मान देना है।घर पर जाकर सम्मानित किए जाने से बुजुर्ग मतदाताओं और उनके परिवारों को भी निर्वाचन विभाग से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
चार पीढ़ियां एक साथ दिखीं
शरबती देवी के सम्मान के दौरान परिवार की चार पीढ़ियों की मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रही। उनके पुत्र, पुत्रवधू और पड़पोती सहित परिवार के अन्य सदस्य इस मौके पर मौजूद रहे।एक ही छत के नीचे चार पीढ़ियों का साथ दिखना परिवार की एकजुटता का प्रतीक नजर आया। शरबती देवी ने अपने जीवन में कई पीढ़ियों को बड़ा होते देखा है। वहीं उनके परिवार की नई पीढ़ी के लिए भी यह सम्मान एक यादगार अनुभव बन गया।आज के बदलते सामाजिक परिवेश में जहां परिवारों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, वहीं एक परिवार में चार पीढ़ियों का साथ दिखाई देना खास तस्वीर पेश करता है।
उम्र के साथ लोकतंत्र से जुड़ाव का सम्मान
शतायु मतदाता केवल अपनी उम्र के कारण ही विशेष नहीं होते। उन्होंने दशकों के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के जरिए अपनी भागीदारी निभाई है। ऐसे मतदाताओं का सम्मान निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता और सम्मान का संदेश भी देता है।शरबती देवी का सम्मान इसी भावना से जुड़ा दिखाई दिया। निर्वाचन विभाग के प्रतिनिधियों का उनके घर पहुंचना परिवार के लिए भी विशेष अनुभव रहा।इस मौके पर परिजनों ने सम्मान को शरबती देवी के जीवन की उपलब्धियों से जोड़कर देखा। परिवार के सदस्यों के लिए यह पल लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया।
परिवार के लिए गौरव का पल
सम्मान समारोह के दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। एक ओर घर की सबसे बुजुर्ग सदस्य को सम्मान मिल रहा था, वहीं दूसरी ओर परिवार की नई पीढ़ी भी इस पल की गवाह बनी।शरबती देवी के सम्मान ने यह भी दिखाया कि बुजुर्ग परिवार के लिए केवल उम्र का आंकड़ा नहीं होते। उनके साथ परिवार की यादें, अनुभव और कई पीढ़ियों की विरासत जुड़ी होती है।ऐसे अवसर परिवार के भीतर पीढ़ियों के बीच रिश्ते और मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं।
नई पीढ़ी के लिए भी संदेश
शरबती देवी के सम्मान का यह अवसर नई पीढ़ी के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। परिवार की चार पीढ़ियों का एक साथ मौजूद होना अपने आप में सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव की तस्वीर पेश करता है।बुजुर्गों के अनुभव और नई पीढ़ी की ऊर्जा का यह मेल परिवार की निरंतरता को दिखाता है। वहीं निर्वाचन विभाग की पहल ने शतायु मतदाताओं के प्रति सम्मान की भावना को भी सामने रखा।जमालपुर गांव में हुआ यह सम्मान समारोह केवल एक बुजुर्ग मतदाता को प्रशस्ति पत्र देने तक सीमित नहीं रहा। यह परिवार, समाज और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा एक यादगार पल बन गया।