बूंदी पुलिस की बड़ी सफलता: ₹25 लाख के 101 गुमशुदा मोबाइल असली मालिकों को लौटाए
राजस्थान के बूंदी जिले में पुलिस ने आधुनिक तकनीक और साइबर जांच के जरिए गुमशुदा मोबाइल बरामद करने के अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विशेष अभियान के तहत करीब ₹25 लाख मूल्य के 101 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर शिकायत और तकनीकी जांच से खोए हुए मोबाइल वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
CEIR पोर्टल और IMEI ट्रैकिंग से मिली बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के सभी थानों और साइबर टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर CEIR पोर्टल, IMEI ट्रैकिंग और अन्य आधुनिक तकनीकी विश्लेषण का प्रभावी उपयोग किया। जांच के दौरान कई मोबाइल फोन विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों में सक्रिय मिले। तकनीकी साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर इन मोबाइलों को बरामद कर उनका सत्यापन किया गया। सत्यापन पूरा होने के बाद सभी 101 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
खोई उम्मीद फिर लौटी, मालिकों के चेहरे पर आई मुस्कान
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने पुलिस का आभार जताया। लाभार्थियों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। लेकिन पुलिस की सक्रियता और साइबर टीम की मेहनत के कारण उनके मोबाइल सुरक्षित वापस मिल गए। पुलिस अधिकारियों ने भी इसे जनविश्वास बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि तकनीक के सही उपयोग से ऐसे मामलों में लगातार बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
गुम मोबाइल की तुरंत दें सूचना
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आज के समय में मोबाइल केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, डिजिटल दस्तावेज, पहचान संबंधी जानकारी और व्यक्तिगत डेटा का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में बिना देरी किए पुलिस को सूचना देना जरूरी है। समय पर शिकायत दर्ज होने से मोबाइल को ब्लॉक करने और उसकी ट्रैकिंग शुरू करने में आसानी होती है, जिससे बरामदगी की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
नागरिकों से की गई यह खास अपील
बूंदी पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। साथ ही CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी दर्ज कर उसे ब्लॉक कराने और ट्रैकिंग प्रक्रिया शुरू करवाने में भी देर न करें। पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक और नागरिकों की समय पर दी गई सूचना का समन्वय ही गुमशुदा मोबाइलों की सफल बरामदगी का सबसे प्रभावी तरीका है।
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