JNVU परीक्षा में सामूहिक नकल का बड़ा खुलासा, CCTV में वीक्षक की भूमिका आई सामने
राजस्थान के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) की परीक्षा में एक बार फिर सामूहिक नकल का मामला सामने आया है। जैसलमेर जिले के एक परीक्षा केंद्र पर विश्वविद्यालय की फ्लाइंग स्क्वॉड ने निरीक्षण के दौरान 93 परीक्षार्थियों के खिलाफ नकल का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया कि परीक्षा कक्ष में तैनात वीक्षक पर छात्रों को उत्तर लिखवाने के आरोप लगे। सीसीटीवी फुटेज और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
फ्लाइंग स्क्वॉड की कार्रवाई में खुली अनियमितता
विश्वविद्यालय की फ्लाइंग स्क्वॉड ने जैसलमेर जिले के श्री करणी महाविद्यालय, कजोई परीक्षा केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उस समय बीए द्वितीय सेमेस्टर हिंदी साहित्य की परीक्षा चल रही थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने परीक्षा कक्ष में कई संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी एक जैसी शैली में उत्तर लिख रहे थे। स्थिति को देखते हुए फ्लाइंग टीम ने तत्काल उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की और सामूहिक नकल की आशंका के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी।
CCTV फुटेज ने खोली पूरी तस्वीर
प्रारंभिक जांच के दौरान परीक्षा कक्ष में मौजूद वीक्षक ने किसी भी अनियमितता से इनकार किया। इसके बाद जांच टीम ने परीक्षा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में कथित रूप से वीक्षक को विद्यार्थियों को उत्तर बताते हुए देखा गया। इसके साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं में बड़ी संख्या में समान उत्तर, एक जैसी लेखन शैली और प्रस्तुतिकरण भी सामने आया। इन तथ्यों के आधार पर फ्लाइंग स्क्वॉड ने 93 परीक्षार्थियों के खिलाफ सामूहिक नकल का प्रकरण दर्ज कर लिया।
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नई उत्तर पुस्तिकाएं देकर परीक्षा पूरी कराई गई
कार्रवाई के दौरान संबंधित परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं अलग कर उन्हें नई उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी की जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही परीक्षा केंद्र पर तैनात वीक्षकों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की शुचिता पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि नकल या परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी और जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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