#क्राइम #धार्मिक #राज्य-शहर

कोटा महंत हत्याकांड में बड़ा खुलासा: करोड़ों की संपत्ति के लिए रची गई थी साजिश, जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

कोटा के चंद्रेसल मठ में महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच और मठ से जुड़े लोगों के बयानों के आधार पर यह मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि इसके पीछे मठ की संपत्ति, जमीन और प्रशासनिक नियंत्रण हासिल करने की कथित साजिश की परतें भी उजागर हो रही हैं। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क, आर्थिक हितों और घटना की योजना बनाने वालों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

करोड़ों की संपत्ति और जमीन पर नजर होने का दावा

जांच के दौरान सामने आया है कि मठ के पास बड़ी मात्रा में भूमि और वित्तीय संसाधन मौजूद हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों की कथित रुचि मठ की सैकड़ों बीघा जमीन और बैंक खातों में जमा राशि पर केंद्रित थी। जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की कोशिशें की जा रही थीं। आरोप है कि मठ के संचालन और संपत्ति पर प्रभाव स्थापित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए गए। हालांकि पुलिस अभी सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है और मामले की हर कड़ी को साक्ष्यों के आधार पर जोड़ने का प्रयास कर रही है।

विश्वास जीतकर बनाई गई कथित रणनीति

मठ से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ माह पहले से आरोपी पक्ष का मठ में आना-जाना बढ़ गया था। विकास कार्य, गोशाला और अन्य धार्मिक परियोजनाओं के नाम पर ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बीच सक्रियता दिखाई गई। इसी दौरान ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर गतिविधियां बढ़ीं। मठ के पुजारी नंदनवन ने दावा किया कि धीरे-धीरे भरोसा कायम कर ट्रस्ट के संचालन में दखल देने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन गतिविधियों का संबंध बाद में हुई हत्या की घटना से जुड़ता है या नहीं।

वारदात से पहले रेकी और तैयारी के संकेत

पुलिस जांच में वारदात से पहले संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी सामने आई है। मठ परिसर में कुछ बाहरी लोगों के आने-जाने और संभावित रेकी किए जाने की बात जांच का हिस्सा बनी हुई है। पुजारी नंदनवन ने दावा किया कि घटना से कुछ दिन पहले कुछ ऐसे लोग मठ में आए थे जिनकी मौजूदगी बाद में संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस अब सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या से पहले किस प्रकार की तैयारी की गई थी और किन लोगों ने इसमें भूमिका निभाई।

हत्या की रात क्या हुआ, जांच में जुटी पुलिस

घटना की रात मठ परिसर में जो परिस्थितियां बनीं, उन्होंने शुरुआत में कई सवाल खड़े कर दिए थे। पुजारी नंदनवन के अनुसार उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था, जिसके कारण वह तत्काल बाहर नहीं निकल सके। बाद में जब दरवाजा खुला तो महंत देवानंद गंभीर हालत में मिले। उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। अब तक की जांच में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे भी पूछताछ जारी है।

शुरुआती शक से लेकर जांच में सहयोग तक

घटना के तुरंत बाद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसियों ने मठ से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की थी। पुजारी नंदनवन भी शुरुआती जांच के दायरे में आए, लेकिन बाद में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें राहत मिली। जांच में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं, जिनके आधार पर पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिली। अधिकारियों का मानना है कि गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्य इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अन्य संस्थानों से जुड़े विवाद भी जांच के दायरे में

मामले की जांच के दौरान आरोपी से जुड़े कुछ पुराने विवाद और शिकायतें भी चर्चा में आई हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि आरोपी का विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों के साथ पहले भी विवाद रहा था। हालांकि पुलिस फिलहाल हत्या के मामले से सीधे जुड़े तथ्यों पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या किसी पुराने विवाद, आर्थिक हित या व्यक्तिगत रंजिश का इस मामले से कोई संबंध है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *