#पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

एआईसीसी में बड़ा फेरबदल संभव: राष्ट्रीय महासचिव और प्रभारियों की कार्यक्षमता का होगा आकलन, राजस्थान के 9 नेताओं की नजर टिकी

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में बड़े स्तर पर संगठनात्मक बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में संगठन सृजन का काम पूरा होने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पदाधिकारियों की समीक्षा की जा रही है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय महासचिवों, सचिवों और राज्य प्रभारियों के कामकाज का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय दिल्ली में उच्च स्तरीय मंथन के बाद ही लिया जाएगा। पिछले दिनों कुछ राज्यों के प्रभारी बदले जाने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि अब बारी राष्ट्रीय टीम की है।

कार्यक्षमता की रिपोर्ट: खड़गे-राहुल-वेणुगोपाल की त्रयी में चर्चा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। केसी वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय महासचिवों और सचिवों की कार्यक्षमता (परफॉर्मेंस) की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस नेता को किस जिम्मेदारी में जारी रखा जाए और किन्हें हटाया या बदला जाए। यह प्रक्रिया पार्टी को अधिक चुस्त और दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

राजस्थान के 9 नेताओं का भविष्य दांव पर

राजस्थान कांग्रेस के कुल 9 वरिष्ठ नेता वर्तमान में एआईसीसी में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, जिनमें भंवर जितेंद्र सिंह, सचिन पायलट, हरीश चौधरी, रेहाना रियाज, दानिश अबरार, संजना जाटव, धीरज गुर्जर, दिव्या मदेरणा और विजय जांगिड़ शामिल हैं। इनमें से भंवर जितेंद्र सिंह और सचिन पायलट राष्ट्रीय महासचिव हैं, जबकि हरीश चौधरी मध्य प्रदेश के प्रभारी हैं। आने वाले समय में इन सभी नेताओं का राजनीतिक भविष्य उनकी कार्यक्षमता रिपोर्ट और चुनावी परिणामों के आधार पर तय होगा, जिससे उनके पदों पर बड़ा फेरबदल संभव है।

भंवर जितेंद्र सिंह का इस्तीफा और असम का असर

पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने असम विधानसभा चुनाव में पार्टी की मिली हार के बाद राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि पार्टी हाईकमान ने अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन में ऐसे बदलाव अनिवार्य हैं। जिन नेताओं के प्रभार वाले राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा है, उनकी जिम्मेदारी बदली जा सकती है ताकि नए चेहरों के साथ ताजगी लाई जा सके और जीत की संभावनाएं बढ़ाई जा सकें।

रंधावा और पायलट को लेकर चल रही अटकलें

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चाएं गर्म हैं। यदि ऐसा होता है, तो राजस्थान के प्रभारी पद पर भी बदलाव हो सकता है। वहीं, सचिन पायलट के राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष बनने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। यदि पायलट पीसीसी चीफ बनते हैं, तो एआईसीसी में उनकी वर्तमान जिम्मेदारी किसी अन्य वरिष्ठ नेता को दी जा सकती है। हालांकि, फिलहाल इन दोनों मामलों में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और सब कुछ दिल्ली के मंथन पर निर्भर करेगा।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *