मुड़िया मेले के लिए रोडवेज की बड़ी तैयारी: 1100 बसें चलेंगी, मथुरा-गोवर्धन किराया ₹50
गोवर्धन में 23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय मुड़िया मेले के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने व्यापक परिवहन व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1100 रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि मथुरा से गोवर्धन तक का किराया 50 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष टीमें और अतिरिक्त अधिकारियों की भी तैनाती की गई है।
श्रद्धालुओं के लिए 1100 बसों का संचालन
मुड़िया मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोडवेज ने 1100 बसों के संचालन की योजना बनाई है। इनमें 1000 बसें नियमित रूप से सेवा देंगी, जबकि अतिरिक्त भीड़ की स्थिति से निपटने के लिए 100 बसें रिजर्व रखी गई हैं। बसों के संचालन के लिए 3300 चालक और परिचालकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि यात्रियों को समय पर और सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।
मथुरा-गोवर्धन किराया 50 रुपये निर्धारित
रोडवेज प्रशासन ने मथुरा से गोवर्धन के बीच बस यात्रा का किराया 50 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बसों का संचालन विशेष रूट प्लान के तहत किया जाएगा। मेले के दौरान यात्रियों को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त परिवहन संसाधन भी तैयार रखे गए हैं।
जाम से बचने के लिए क्यूआरटी और विशेष निगरानी
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए छह क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की जाएंगी। इनमें दो टीमें गोवर्धन में, जबकि अडींग, सौंख चेक पोस्ट, बाबा जय गुरुदेव और पार्किंग स्थल पर एक-एक टीम तैनात रहेगी। इसके अलावा 14 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों सहित 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
29 जुलाई को होगी सबसे अधिक भीड़
मुड़िया मेले का मुख्य आयोजन 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर होगा। इस दिन करोड़ों श्रद्धालुओं के गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा करने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन और यातायात व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
चालक-परिचालकों को सुरक्षा और विनम्रता के निर्देश
क्षेत्रीय प्रबंधक बी.पी. अग्रवाल ने बताया कि सभी चालक और परिचालकों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वर्षा के मौसम को देखते हुए निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए सुरक्षित बस संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। मेले के दौरान मथुरा से गोवर्धन जाने वाली बसें अडींग मार्ग से जाएंगी, जबकि वापसी में सौंख मार्ग का उपयोग करेंगी।