बीकानेर रेंज पुलिस का बड़ा अभियान: 4 महीने में 70 किलो हेरोइन जब्त, 32 तस्कर गिरफ्तार
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ बीकानेर रेंज पुलिस ने पिछले चार महीनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। इस दौरान 70 किलो से अधिक हेरोइन जब्त की गई, 32 बड़े ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और गैंगस्टर नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा गया। पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर तस्करी के पूरे आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
चार महीनों में रिकॉर्ड कार्रवाई, तस्करों में मचा हड़कंप
बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश के नेतृत्व में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू जिलों में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 70 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की गई। हाल ही में श्रीगंगानगर पुलिस ने 10 किलो हेरोइन जब्त कर प्रदेश की बड़ी कार्रवाइयों में अपना नाम दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि सीमा पार से होने वाली ड्रग्स तस्करी, हथियारों की आपूर्ति और संगठित अपराध पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने में सफलता मिली है।
हेरोइन के साथ विदेशी हथियार भी बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान 32 बड़े ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा सर्बिया और चीन निर्मित विदेशी हथियारों की खेप भी बरामद की गई। पुलिस ने 60 से अधिक गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की। इसी अवधि में श्रीगंगानगर में तीन और चूरू जिले में एक पुलिस मुठभेड़ भी हुई। अधिकारियों के अनुसार, इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी का आंकड़ा भी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना रहा, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
आर्थिक नेटवर्क पर भी कस रहा है शिकंजा
बीकानेर रेंज पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब तस्करों के आर्थिक स्रोतों को भी निशाना बनाया है। ड्रग्स कारोबार से जुड़े आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है और संदिग्ध खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सीमा पार ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी और अन्य अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।
‘सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरी सप्लाई चेन खत्म करना लक्ष्य’
आईजी ओमप्रकाश ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि नशे के कारोबार की पूरी सप्लाई चेन और आर्थिक ढांचे को खत्म करना है। उन्होंने बताया कि ड्रग्स तस्करी से जुड़े प्रत्येक आरोपी की वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है और अवैध संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।