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दिल्ली के परिवहन बेड़े में बड़ा विस्तार, 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को मिली हरी झंडी

राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली के बस बेड़े में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 4,838 हो गई है, जबकि सरकारी बसों का कुल बेड़ा 6,593 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही दिल्ली देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने वाला राज्य बन गया है।

300 नई इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव और प्रदूषण की चुनौती के बीच इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार सार्वजनिक परिवहन के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई शामिल की गईं 300 बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा। सरकार का कहना है कि इन आधुनिक बसों के जरिए दिल्ली के परिवहन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते बेड़े से आने वाले समय में शहर की परिवहन व्यवस्था अधिक स्मार्ट और टिकाऊ बनने की उम्मीद है।

9 मीटर लंबी बसें संकरी गलियों और छोटे रूटों पर होंगी उपयोगी

नई इलेक्ट्रिक बसों की लंबाई 9 मीटर है, जिन्हें खासतौर पर उन इलाकों के लिए तैयार किया गया है जहां बड़ी बसों का संचालन मुश्किल होता है। इन छोटी ई-बसों से कॉलोनियों, मेट्रो स्टेशनों और मुख्य बस अड्डों के बीच संपर्क बेहतर होगा। इससे यात्रियों को घर से मुख्य परिवहन नेटवर्क तक पहुंचने में आसानी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इन बसों का सबसे बड़ा फायदा अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी यानी लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करना होगा। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों का समय बचेगा और सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ेगी।

प्रदूषण कम करने की दिशा में इलेक्ट्रिक बसों पर जोर

दिल्ली में वायु प्रदूषण लंबे समय से बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों की तुलना में कम प्रदूषण करती हैं और शहर में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग निजी कार और दोपहिया वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

2026 तक 7 हजार इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार को लेकर बड़ा लक्ष्य तय किया है। योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक राजधानी की सड़कों पर 7,000 इलेक्ट्रिक बसें उतारने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सीएनजी बसों सहित कुल सार्वजनिक बसों की संख्या 7,500 तक पहुंचाने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि यह विस्तार दिल्ली को इलेक्ट्रिक परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ-साथ आधुनिक और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

2029 तक 14 हजार बसों का होगा सार्वजनिक परिवहन बेड़ा

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को और व्यापक बनाने के लिए वर्ष 2029 तक बसों की संख्या 14 हजार तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली का बस नेटवर्क ज्यादा मजबूत, सुरक्षित और यात्री सुविधाओं से लैस होगा। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन सेवाओं को भी विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि योजना के अनुसार काम पूरा होता है तो दिल्ली देश के सबसे बड़े और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क वाले शहरों में शामिल हो सकती है।

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