सीकर गर्भवती महिला हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पुलिस पूछताछ में सामने आई वारदात की कथित वजह
राजस्थान के सीकर जिले में छह माह की गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान नया खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, रिमांड पर चल रहे आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने पुराने विवाद और अपने बड़े भाई की फटकार से उपजी रंजिश के चलते वारदात की साजिश रची थी। इस बीच पीड़िता की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठा है।
घर में घुसकर किया था जानलेवा हमला
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई को धोद क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती प्रियंका अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ घर पर मौजूद थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आरोपी कथित रूप से घर में घुसा और धारदार हथियार से उनके गले, हाथ और पैरों पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल प्रियंका को उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गर्भ में पल रहे छह माह के भ्रूण की भी पहले ही मौत हो चुकी थी।
पुलिस पूछताछ में सामने आई कथित वजह
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले उसका प्रियंका के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद प्रियंका ने घटना की जानकारी अपने पति को दी थी। पुलिस का कहना है कि शिकायत आरोपी के बड़े भाई तक पहुंची, जिसने उसे फटकार लगाई। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर इसी बात से नाराज होकर बदला लेने की योजना बनाने की बात स्वीकार की है। पुलिस इन बयानों का अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।
वारदात से पहले की तैयारी की भी जांच
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से घटना से कुछ दिन पहले एक बड़ा चाकू लिया था और वारदात से एक दिन पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कदम अपनी गतिविधियों को छिपाने के उद्देश्य से उठाया गया हो सकता है। घटना के बाद आरोपी कथित रूप से रिश्तेदारों के यहां चला गया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। अदालत ने उसे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पीड़ित परिवार की मांगों पर बनी हुई है चर्चा
प्रियंका की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण लगातार धरने पर बैठे हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, कड़ी कानूनी कार्रवाई, विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति, आर्थिक सहायता और अन्य मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत हुई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी अंतिम सहमति की जानकारी सामने नहीं आई थी।
जांच जारी, साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। आरोपी के कथित बयान, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने और साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही मामले के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
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