कोटा ACB की बड़ी कार्रवाई: JVVNL के जेईएन और कर्मचारी कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार
राजस्थान के कोटा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के एक कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) और फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) के कर्मचारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार दोनों पर बिजली कनेक्शन से जुड़ी कार्रवाई नहीं करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के बाद एसीबी ने की गोपनीय जांच
एसीबी के अनुसार 20 जुलाई को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता के नाम पर दर्ज बिजली कनेक्शन से संबंधित विजिलेंस चेक रिपोर्ट (VCR) नहीं भरने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान कथित तौर पर रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संचालित की गई।
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1,000 रुपये लेते कर्मचारी रंगे हाथ पकड़ा गया
एसीबी ने बुधवार शाम ट्रैप कार्रवाई के दौरान एफआरटी कर्मचारी दानमल को परिवादी से 1,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ा। एसीबी का कहना है कि शिकायत के अनुसार पहले 7,000 रुपये की मांग की गई थी, जिसे बातचीत के बाद घटाकर 2,000 रुपये कर दिया गया। पहली किस्त पहले ही ली जा चुकी थी और दूसरी किस्त लेते समय कार्रवाई की गई। मौके से कथित रिश्वत की राशि भी बरामद करने का दावा किया गया है।
जांच में जेईएन की भूमिका सामने आने का दावा
एसीबी के अनुसार ट्रैप कार्रवाई और प्रारंभिक जांच के दौरान जेईएन पंकज वर्मा की कथित संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पहली पोस्टिंग में ही कार्रवाई, जांच जारी
एसीबी के अनुसार गिरफ्तार जेईएन पंकज वर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के निवासी हैं और करीब एक वर्ष पहले ही उनकी नियुक्ति हुई थी। सुल्तानपुर में उनकी यह पहली पोस्टिंग थी। वहीं गिरफ्तार एफआरटी कर्मचारी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर कार्यरत बताया गया है। एसीबी का कहना है कि दोनों से पूछताछ कर मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
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