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महंत देवानंद हत्याकांड: 21 हजार फॉलोअर्स वाले संत की हत्या से मचा सनसनीखेज बवाल, पुलिस तलाश रही साजिश का सच

राजस्थान के कोटा स्थित चंद्रसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में गहरी पहचान रखने वाले महंत की हत्या के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की परतें खोलने में जुटी है, जबकि श्रद्धालुओं और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

प्रदेश की राजनीति और समाज में था गहरा प्रभाव

महंत देवानंद महाराज केवल एक धार्मिक संत नहीं थे, बल्कि उनका प्रभाव समाज और राजनीति के कई बड़े चेहरों तक था। उनके आश्रम में समय-समय पर केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता था। सोशल मीडिया पर भी उनकी मजबूत मौजूदगी थी, जहां हजारों लोग उनसे जुड़े हुए थे। विभिन्न धार्मिक आयोजनों और जनकल्याण गतिविधियों के कारण उन्होंने व्यापक जनसमर्थन हासिल किया था। यही वजह है कि उनकी हत्या की खबर सामने आते ही प्रदेशभर में चर्चा शुरू हो गई और लोग इस वारदात के पीछे की वजह जानने को उत्सुक हैं।

जिस अधिकारी ने लिया था आशीर्वाद, वही कर रहा जांच

इस मामले का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि हत्या की जांच कर रही टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी का महंत से पुराना जुड़ाव रहा है। कुछ वर्ष पहले वह अधिकारी स्वयं महंत से आशीर्वाद लेने मठ पहुंचा था और अब वही अधिकारी इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पुलिस अधिकारी और जांच टीम इस मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्यारों तक पहुंचने के लिए महंत के संपर्कों, गतिविधियों और हाल के कार्यक्रमों की गहन समीक्षा जरूरी है।

हत्या से पहले मठ पहुंचे थे महंत

जानकारी के अनुसार महंत देवानंद महाराज नियमित रूप से अलग-अलग धार्मिक स्थलों और आश्रमों की व्यवस्थाएं देखते थे। वे अधिकतर समय दूसरे आश्रम में रहते थे और विशेष अवसरों पर ही चंद्रसेल मठ आते थे। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ दिन पहले ही वे मठ पहुंचे थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि हमलावरों को उनके आने की जानकारी कैसे मिली। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने उनकी गतिविधियों की सूचना आरोपियों तक पहुंचाई थी या फिर पहले से कोई साजिश रची गई थी।

100 किलोमीटर के दायरे में खंगाले जा रहे सुराग

हत्या के बाद पुलिस ने जांच का दायरा व्यापक कर दिया है। कोटा और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ उन स्थानों पर भी जांच की जा रही है, जहां महंत का नियमित संपर्क था। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, आश्रम से जुड़े लोगों के बयान और हालिया गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई भी पहलू नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज

महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं में गहरा दुख और आक्रोश है। कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की है। समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं बल्कि धार्मिक आस्था पर हमला है। प्रदेशभर से लोग महंत को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और जांच में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

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