‘क्रीमीलेयर में होकर भी आरक्षण का लाभ’, मदन राठौड़ का डोटासरा पर बड़ा आरोप
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भीलवाड़ा में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राठौड़ ने दावा किया कि डोटासरा के परिजन OBC आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्रीमीलेयर के दायरे में आने के बावजूद उनके परिवार को आरक्षण का लाभ कैसे मिला। राठौड़ ने इस मामले में जांच प्रक्रिया चलने की बात भी कही। हालांकि ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि जांच के निष्कर्ष से ही होगी।
भीलवाड़ा पहुंचे मदन राठौड़
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गुरुवार को भीलवाड़ा पहुंचे। भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की।बैठक में आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर संगठनात्मक चर्चा हुई। राठौड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जुड़े निर्देश दिए। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, विधायक गोपाल खंडेलवाल सहित कई नेता मौजूद रहे।
डोटासरा पर OBC आरक्षण को लेकर आरोप
मीडिया से बातचीत में राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर OBC आरक्षण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा के रिश्तेदारों का RAS सहित सरकारी सेवाओं में चयन हुआ और इसके बावजूद परिवार के सदस्यों ने OBC आरक्षण का लाभ लिया।राठौड़ ने दावा किया कि डोटासरा का परिवार क्रीमीलेयर के दायरे में आता है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच प्रक्रिया में है और आगे तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। उपलब्ध रिपोर्टों में भी राठौड़ के इस आरोप और जांच जारी होने के उनके दावे का उल्लेख है।
राठौड़ ने अपने परिवार का उदाहरण दिया
मदन राठौड़ ने अपने राजनीतिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्वयं विधायक और सांसद रह चुके हैं। उनके मुताबिक उनके बच्चों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य वर्ग से आवेदन किया।राठौड़ ने दावा किया कि उन्होंने अपने परिवार के लिए OBC आरक्षण का लाभ नहीं लिया। इसी उदाहरण के आधार पर उन्होंने डोटासरा के परिवार से जुड़े आरक्षण लाभ पर सवाल उठाए।
कांग्रेस पर ‘दोहरी राजनीति’ का आरोप
राठौड़ ने कांग्रेस पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोटों का अंतर कम होने पर कांग्रेस इसे अपनी उपलब्धि बताती है। दूसरी ओर पार्टी चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप भी लगाती है।राठौड़ ने कहा कि दोनों दावों को एक साथ सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने भाजपा की ओर से चुनावी जनादेश का सम्मान करने की बात कही।
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर निशाना
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेदों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली के बयानों का हवाला दिया।राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर आपसी खींचतान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संगठन और जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
निकाय चुनाव के आंकड़ों का किया जिक्र
राठौड़ ने हालिया नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार भाजपा ने प्रदेश की 309 स्थानीय निकायों में से 212 में जीत दर्ज की। उन्होंने यह भी कहा कि 10 नगर निगमों में से नौ में भाजपा के बोर्ड बने।राठौड़ ने टिकट वितरण में पार्टी से हुई गलतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर टिकट वितरण को लेकर संगठन से चूक हुई थी। उनके अनुसार बाद में चुनाव परिणामों में इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई दिया।
पंचायती राज चुनाव के बाद होंगी राजनीतिक नियुक्तियां
मदन राठौड़ ने राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायती राज चुनाव के बाद राजनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी।राठौड़ के अनुसार पंचायत स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां देने के बाद शहरी क्षेत्र में राजनीतिक नियुक्तियों पर फैसला किया जाएगा। उन्होंने आगामी पंचायती राज चुनाव में भाजपा के लिए अधिक सीटों का दावा भी किया।
आरोपों पर जांच के बाद तस्वीर होगी साफ
OBC क्रीमीलेयर और आरक्षण को लेकर राठौड़ के आरोप फिलहाल राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। किसी व्यक्ति की क्रीमीलेयर स्थिति केवल राजनीतिक आरोप से तय नहीं होती। इसके लिए संबंधित नियमों और प्रमाण-पत्रों की जांच जरूरी होती है।इस मामले में जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में तथ्यात्मक स्थिति क्या है।